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मुसीबत में महिलाओं का सहारा है सखी वन स्टॉप सेंटर, जानें कहां और कैसे मिलेगी मदद

Sakhi One Stop Centre: महिलाओं को एक ही जगह पर सुरक्षा, चिकित्सा, कानूनी सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) की व्यवस्था की गई है. घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन हिंसा, मानव तस्करी या अन्य प्रकार की प्रताड़ना का सामना कर रही महिलाओं के लिए यह केंद्र मुश्किल समय में सहारा बन सकता है. इस योजना को समझना इसलिए जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला या उसके परिजन सही मदद तक पहुंच सकें.

क्या है सखी वन स्टॉप सेंटर योजना?
सखी वन स्टॉप सेंटर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल है. इसका उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराना है. इस व्यवस्था के तहत महिलाओं को अलग-अलग सेवा के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करने में मदद मिलती है.

ये केंद्र निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं की सहायता के लिए बनाए गए हैं. महिला की उम्र, वैवाहिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, जरूरत पड़ने पर वह सहायता प्राप्त कर सकती है.

किन परिस्थितियों में मिल सकती है मदद?
सखी केंद्र घरेलू हिंसा, शारीरिक हमले, यौन उत्पीड़न, दहेज संबंधी प्रताड़ना, पीछा करने, भावनात्मक उत्पीड़न और अन्य हिंसक परिस्थितियों से प्रभावित महिलाओं की सहायता कर सकते हैं. हिंसा की शिकार महिला स्वयं केंद्र से संपर्क कर सकती है. जरूरत पड़ने पर परिवार का सदस्य, पुलिस या अन्य सहायता तंत्र भी उसे यहां पहुंचाने में मदद कर सकता है.

एक ही जगह पर मिलती हैं ये सुविधाएं
आपातकालीन सहायता और बचाव: संकट में फंसी महिला को संबंधित सेवाओं से जोड़ना.
चिकित्सा सहायता: चोट या स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद.
पुलिस सहायता: जरूरत के अनुसार पुलिस से संपर्क और शिकायत संबंधी प्रक्रिया में सहयोग.
कानूनी सहायता: कानूनी अधिकारों की जानकारी व उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं से संपर्क.
मनोवैज्ञानिक परामर्श: सदमे, डर और मानसिक तनाव से निपटने के लिए काउंसलिंग.
अस्थायी आश्रय: पात्रता और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार सीमित अवधि के लिए सुरक्षित ठहरने की सुविधा.

सखी सेंटर तक कैसे पहुंचें?
महिला अपने जिले के वन स्टॉप सेंटर में सीधे संपर्क कर सकती है. इसके अलावा, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके सहायता और नजदीकी केंद्र की जानकारी ली जा सकती है. आपातकालीन स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क करें.

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन शक्ति पोर्टल पर भी केंद्रों की जानकारी उपलब्ध है. डिजिटल माध्यम से सहायता खोजने के लिए आधिकारिक मिशन शक्ति पोर्टल देखा जा सकता है.

24 अक्टूबर 2026 तक के नवीनतम अपडेट
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की 7 अगस्त 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार, देश में 1,033 वन स्टॉप सेंटर स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 991 केंद्र चालू थे. 30 जून 2026 तक इन केंद्रों के माध्यम से देशभर में 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता दी जा चुकी थी.

हालिया खबरों में भी इन केंद्रों के जरिए पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श और अस्थायी आश्रय को एक साथ उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है. हालांकि, हर जिले में सेवाओं की वास्तविक उपलब्धता अलग हो सकती है.

संकट के समय चुप न रहें
सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य हिंसा झेल रही महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है. पीड़ित महिला को मदद मांगने के लिए अकेले संघर्ष करने की जरूरत नहीं है. समय पर हेल्पलाइन या संबंधित केंद्र से संपर्क करके वह सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और पुनर्वास से जुड़ी सहायता प्राप्त करने की दिशा में कदम उठा सकती है.

केंद्र का पता, उपलब्ध सेवाएं और संपर्क संबंधी जानकारी अपने जिले के आधिकारिक प्रशासन या मिशन शक्ति पोर्टल से सत्यापित करें. आपात स्थिति में पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें और 112 पर संपर्क करें.

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