Pahalgam Terror Attack Anniversary: पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरा होने पर भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सशक्त संदेश साझा किया. सेना ने लिखा कि जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब भी उतना ही निर्णायक होता है. न्याय अवश्य मिलता है और भारत हमेशा एकजुट खड़ा रहता है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं किया जाना चाहिए, भारत न तो भूलता है और न ही माफ करता है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’: आतंक के ठिकानों पर करारा प्रहार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए इस भीषण आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कड़ा प्रतिकार किया था. इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकियों के नौ ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था. इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पांच बड़े आतंकियों को भी मार गिराया, जिनमें मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल, हाफिज मुहम्मद जमील, मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी, खालिद उर्फ अबू अक्शा और मोहम्मद हसन खान शामिल थे.
बैसरन घाटी का दर्दनाक मंजर: 26 निर्दोषों की मौत
दरअसल, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में घूमने आए पर्यटकों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी. इस निर्मम हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिससे पूरे देश में गहरा आक्रोश फैल गया था. हमलावरों की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने लोगों से नाम और धर्म पूछकर महिलाओं और बच्चों के सामने ही गोली मार दी.
100 से ज्यादा आतंकी ढ़ेर, नेटवर्क को बड़ा झटका
इस जघन्य हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया और उनके कई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया. इसके बाद 28 जुलाई 2025 को ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत भारतीय सेना को एक और बड़ी सफलता मिली, जब पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को ढ़ेर कर दिया गया.
आतंक के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति
कुल मिलाकर, पहलगाम आतंकी हमला भारत के लिए एक दर्दनाक घटना थी, लेकिन इसके बाद की गई सैन्य कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर स्तर पर निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है.
यह भी पढ़ें- बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में वोटों का ध्रुवीकरण, TMC के लिए खतरे की घंटी




