Cash and Gold Holding Limit India: देश में बढ़ती डिजिटल निगरानी और हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग के बीच अब घर में रखा कैश और सोना भी आयकर विभाग की नजर में है. सोशल मीडिया पर इन दिनों “घर में ज्यादा कैश रखने पर 84% टैक्स” जैसे दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं. हालांकि टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि केवल घर में नकदी या सोना रखना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन यदि व्यक्ति उसके स्रोत का सही हिसाब नहीं दे पाता तो उसे भारी टैक्स और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.
घर में कितना कैश रखना कानूनी है?
भारत में घर में कैश रखने की कोई तय कानूनी सीमा नहीं है. कोई भी व्यक्ति अपनी वैध कमाई का कितना भी पैसा घर में रख सकता है. लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब आयकर विभाग जांच के दौरान उस रकम का स्रोत पूछता है और व्यक्ति उसके समर्थन में दस्तावेज पेश नहीं कर पाता. विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपके पास बैंक स्टेटमेंट, ITR, बिजनेस रिकॉर्ड या आय का अन्य प्रमाण मौजूद है तो परेशानी की संभावना काफी कम हो जाती है. लेकिन बिना हिसाब वाली रकम को आयकर विभाग “अघोषित आय” मान सकता है.
78% से 84% तक टैक्स कैसे लगता है?
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 115BBE के तहत यदि किसी व्यक्ति के पास अघोषित नकदी या संपत्ति मिलती है तो उस पर सामान्य टैक्स स्लैब लागू नहीं होता. ऐसे मामलों में 60% बेस टैक्स लगाया जाता है. इसके बाद Surcharge और Cess जोड़ा जाता है, जिससे कुल टैक्स करीब 78% तक पहुंच जाता है. अगर व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता, गलत जानकारी देता है या अतिरिक्त Penalty लगती है तो कुल बोझ 84% तक भी पहुंच सकता है. यही वजह है कि टैक्स विशेषज्ञ हमेशा आय और संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सलाह देते हैं.
सोना रखने के नियम क्या कहते हैं?
सोने को लेकर भी लोगों में काफी भ्रम रहता है. भारत में सोना रखने की कोई अधिकतम कानूनी सीमा तय नहीं है. आप अपनी घोषित आय, विरासत या वैध स्रोत से खरीदा गया कितना भी सोना रख सकते हैं. हालांकि आयकर छापे के दौरान CBDT की कुछ गाइडलाइंस लागू होती हैं. इनके अनुसार, विवाहित महिला के पास 500 ग्राम तक, अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम तक और पुरुष के पास 100 ग्राम तक सोना सामान्यतः जब्त नहीं किया जाता. लेकिन विशेषज्ञ साफ करते हैं कि यह “सीजर गाइडलाइन” है, न कि सोना रखने की कानूनी सीमा. यदि आपके पास खरीद का बिल, विरासत के दस्तावेज या आय का रिकॉर्ड है तो अधिक मात्रा में भी सोना रखना पूरी तरह वैध माना जाता है.
बिना बिल का सोना बन सकता है परेशानी
आज भी कई लोग नकद में या बिना बिल के सोना खरीद लेते हैं, लेकिन भविष्य में यही सबसे बड़ी मुसीबत बन सकता है. जांच के दौरान यदि व्यक्ति सोने का स्रोत साबित नहीं कर पाता तो आयकर विभाग उसे अघोषित संपत्ति मान सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें और जहां संभव हो डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करें. विरासत में मिले गहनों या गिफ्ट में मिले बड़ी मात्रा में सोने के दस्तावेज भी संभालकर रखना जरूरी है.
2 लाख से ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन पर रहती है नजर
आयकर विभाग अब हाई-वैल्यू कैश ट्रांजैक्शन पर लगातार निगरानी रख रहा है. सोना, प्रॉपर्टी, होटल या अन्य बड़े भुगतान में 2 लाख रुपये से ज्यादा का कैश ट्रांजैक्शन नियमों के दायरे में आता है. ऐसे मामलों में PAN की जानकारी देना जरूरी हो सकता है. 2026 में PAN और हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन रिपोर्टिंग को और सख्त किया गया है, जिसके तहत बैंक और वित्तीय संस्थानों को बड़ी रकम के लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को देनी होती है.
सरकार ने क्या किया साफ?
हाल ही में वायरल पोस्ट्स में दावा किया गया था कि अप्रैल 2026 से घर में ज्यादा कैश रखने पर नए टैक्स नियम लागू हो जाएंगे. लेकिन सरकार और PIB ने इन दावों को भ्रामक बताया है. सरकार का कहना है कि नए टैक्स नियमों का उद्देश्य कानून को सरल बनाना और अघोषित आय पर निगरानी बढ़ाना है, न कि सामान्य लोगों पर नया टैक्स लगाना.
नोटिस से बचने के लिए क्या करें?
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल दौर में पारदर्शिता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. यदि आपकी आय और संपत्ति का रिकॉर्ड साफ है तो किसी भी जांच से डरने की जरूरत नहीं है. इसलिए समय पर ITR भरना, कैश और सोने के दस्तावेज सुरक्षित रखना, बड़ी खरीदारी पर PAN देना और बैंकिंग चैनल के जरिए भुगतान करना बेहद जरूरी माना जा रहा है.
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