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तिब्बत से आया सैलाब, नेपाल में तबाही! गांव-हाइड्रो प्रोजेक्ट बहे, 28 सुरक्षाकर्मी लापता

Nepal Flood 2026: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी. भोटेकोशी नदी में करीब सुबह 9 बजे अचानक पानी का प्रवाह बढ़ा, जिसके बाद टिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में घरों, बाजारों, वाहनों और बुनियादी ढ़ांचे को नुकसान पहुंचा. कई जलविद्युत परियोजनाओं और प्रोजेक्ट साइटों के प्रभावित होने की भी खबर है.

28 सुरक्षाकर्मियों से संपर्क टूटा
नेपाल सरकार के अनुसार, बाढ़ के बाद 28 सुरक्षाकर्मी संपर्क से बाहर हैं. इनमें नेपाल पुलिस के 19 और सशस्त्र पुलिस बल (APF) के 9 जवान शामिल हैं. टिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात 9 APF कर्मियों से संपर्क नहीं हो पाया है. रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी में तैनात नेपाल पुलिसकर्मियों में भी कई जवानों से संपर्क टूटने की सूचना है.

बाढ़ से टिमुरे का एरिया पुलिस कार्यालय, स्याफ्रुबेसी पुलिस पोस्ट और रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट को भी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, इन इलाकों में राहत और खोज अभियान लगातार जारी है.

गांव, बाजार और हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित
अचानक आई बाढ़ ने टिमुरे और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान किया है. बाजारों में पानी और मलबा घुस गया व बड़ी संख्या में वाहन और सामान बह गए. सीमा शुल्क क्षेत्र में मौजूद कई वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आए. हाल में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ में बह गया. अधिकारियों ने कई बस्तियों और बुनियादी ढ़ांचा परियोजनाओं के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की है.

क्या 1000 लोग बह गए? जानिए सच्चाई
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में करीब 1,000 लोगों के बह जाने का दावा सामने आया है. हालांकि, इस संख्या की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. नेपाल के अधिकारियों ने फिलहाल मृतकों, घायलों या लापता नागरिकों की कुल संख्या का अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया है. इसलिए 1,000 लोगों के बह जाने की बात को पुष्ट तथ्य के रूप में लिखना सही नहीं होगा.

पांच जिलों में हाई अलर्ट
बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ते हुए नुवाकोट तक पहुंच गया है. रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. प्रशासन को आशंका है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है.

सेना और हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल सरकार ने नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत व बचाव अभियान में लगाया है. सेना के हेलीकॉप्टरों को भी खोज व बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने और राहत अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं.

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना और लापता लोगों का पता लगाना है. अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से हुए नुकसान और जनहानि का वास्तविक आंकड़ा राहत व बचाव अभियान आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

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