Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को आई अचानक बाढ़ ने चीन-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचा दी. सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा जिले के टिमुरे और स्याफ्रुबेसी क्षेत्र बताए जा रहे हैं. भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से सड़कें, पुल, मकान, वाहन और जलविद्युत परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. बाढ़ का पानी आगे नुवाकोट और धादिंग समेत अन्य इलाकों तक पहुंचा है.
400 यात्री लापता, 105 भारतीय नागरिक शामिल
नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, प्रभावित इलाके से 400 यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली है. इनमें 105 भारतीय बताए गए हैं. इनमें बड़ी संख्या में वे यात्री शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जाने वाले थे.
रिपोर्टों के अनुसार, लापता यात्रियों में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल हैं. प्रशासन और ट्रैवल एजेंसियां यात्रियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं.
मौतों के आंकड़े में अभी अंतर
बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग अपडेट सामने आ रहे हैं. दोपहर तक विश्वसनीय रिपोर्टों में कम से कम 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद के अपडेट में यह संख्या 16 बताई गई. राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ सकती है.
नेपाल सेना ने तेज किया रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत व बचाव अभियान में लगाया गया है. सेना ने हेलीकॉप्टरों और आपदा प्रतिक्रिया दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है. हालांकि तेज बहाव और खराब परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में हेलीकॉप्टर उतारना भी मुश्किल हो रहा है.
रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन समेत नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. लोगों को नदियों के किनारे से दूर रहने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.
भारत ने मदद का भरोसा दिया
नेपाल सरकार ने बताया है कि भारत और चीन ने राहत व बचाव प्रयासों में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई है. पीएम मोदी ने नेपाल में आई भीषण आपदा पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत कर वहां की स्थिति की जानकारी ली और संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत व बचाव कार्यों में जरूरत पड़ने पर हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी.
बिहार और भारत में भी बढ़ी चिंता
भोटेकोशी नदी आगे त्रिशूली नदी तंत्र से जुड़ती है और यह नदी प्रणाली भारत में गंडक के रूप में प्रवेश करती है. इसी वजह से नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर बिहार में भी नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है.
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