JNU Sexual Harassment Case 2026: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. कांग्रेस सांसद और JNU के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं. इस मामले को लेकर BJP महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. वहीं, मंगलवार को भाजपा की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने की भी चर्चा है. महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात का उद्देश्य मामले में कार्रवाई और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग उठाना बताया जा रहा है.
11 छात्राओं की शिकायत के बाद FIR
मामले में करीब 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें की थीं. JNU की आंतरिक समिति ने मामले की जांच की, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर को उन्हें प्रोफेसर के पद से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया. इसके बाद 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर वसंत कुंज नॉर्थ थाने में FIR दर्ज की. पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है.
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन
12 अक्टूबर को BJP महिला मोर्चा ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने अकोइजम को कांग्रेस से निष्कासित करने और मामले में कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करने को लेकर तनाव की स्थिति बनी और पुलिस ने कई BJP नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. BJP नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग भी की.
मामले पर आगे क्या?
इस घटनाक्रम ने BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज कर दिए हैं. हालांकि, यौन उत्पीड़न के आरोपों और आपराधिक मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच व कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगा. ऐसे में, छात्राओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच, उनकी सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना इस मामले के सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं.
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