Fainting First Aid: किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होकर गिरने पर अक्सर लोग उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारते हैं, उसे थपथपाते हैं या होश में लाने के लिए मुंह में पानी डालने की कोशिश करते हैं. लेकिन ये तरीके सही प्राथमिक उपचार का विकल्प नहीं हैं. चिकित्सा संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, बेहोश व्यक्ति के चेहरे पर पानी छिड़कना या उसे जबरन कुछ पिलाना नुकसानदेह हो सकता है. खासकर मुंह में पानी डालने से वह सांस की नली में जा सकता है, जिससे दम घुटने का खतरा रहता है.
बेहोशी के पीछे कम रक्तचाप, शरीर में पानी की कमी, कम ब्लड शुगर, हृदय संबंधी समस्या या कोई गंभीर बीमारी हो सकती है. इसलिए व्यक्ति को तुरंत होश में लाने की कोशिश करने के बजाय उसकी सांस की जांच करना और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता बुलाना सबसे जरूरी है.
बेहोश व्यक्ति के चेहरे पर पानी डालना क्यों गलत है?
पानी के छींटे मारने से बेहोशी का असली कारण दूर नहीं होता. आप बेहोश व्यक्ति के चेहरे पर जो पानी डालते हैं, वह उसकी नाक या कान में जा सकता है और परेशानी बढ़ा सकता है. यदि व्यक्ति पूरी तरह बेहोश है, तो उसकी निगलने और सांस की नली को सुरक्षित रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. ऐसे में मुंह में पानी, भोजन या दवा डालने से तरल पदार्थ फेफड़ों में जाने और दम घुटने का खतरा रहता है. अमेरिका की मेडलाइनप्लस की प्राथमिक उपचार संबंधी सलाह भी बेहोश व्यक्ति के चेहरे पर पानी छिड़कने, थप्पड़ मारने और उसे खाने-पीने की चीजें देने से मना करती है.
बेहोश होने पर सबसे पहले क्या करें?
1. सुरक्षा सुनिश्चित करें: देखें कि आसपास कोई खतरा तो नहीं है. व्यक्ति को आवाज देकर और कंधे पर हल्के से थपथपाकर प्रतिक्रिया जांचें.
2. तुरंत मदद बुलाएं: व्यक्ति प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, तो भारत में 112 या एंबुलेंस सेवा 108 पर संपर्क करें.
3. सांस की जांच करें: देखें कि व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले रहा है या नहीं. इसमें देरी न करें.
4. व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लिटाएं और यदि कोई चोट नहीं है, तो उसके पैरों को लगभग 30 सेंटीमीटर ऊपर उठाएं. इससे मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बेहतर होने में मदद मिल सकती है.
5. सांस सामान्य है और यदि रीढ़ की चोट का संदेह नहीं है, तो उसे करवट वाली सुरक्षित स्थिति (रिकवरी पोजिशन) में रखें, ताकि उल्टी या तरल पदार्थ से दम घुटने का खतरा कम हो.
6. सांस सामान्य नहीं है तो तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाएं और CPR शुरू करें. प्रशिक्षण न होने पर फोन पर आपातकालीन ऑपरेटर के निर्देशों के अनुसार छाती दबाने की प्रक्रिया अपनाएं.
बेहोशी में क्या नहीं करना चाहिए?
– चेहरे पर पानी के छींटे न मारें और थप्पड़ न मारें.
– मुंह में पानी, जूस, चीनी, दवा या कोई खाद्य पदार्थ न डालें.
– व्यक्ति को जबरन बैठाने या खड़ा करने की कोशिश न करें.
– उसे अकेला न छोड़ें और सांस की निगरानी करते रहें.
– सिर, गर्दन या रीढ़ की चोट का संदेह होने पर अनावश्यक रूप से न हिलाएं.
कब स्थिति गंभीर हो सकती है?
यदि व्यक्ति एक मिनट के भीतर होश में नहीं आता, सांस लेने में परेशानी होती है, सीने में दर्द होता है, दौरा पड़ता है या बोलने और शरीर के अंगों को हिलाने में परेशानी होती है, तो इसे गंभीर स्थिति मानें और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें. होश लौट आने पर भी पहली बार हुई बेहोशी या बार-बार बेहोश होने की स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.
सही फर्स्ट एड से बच सकती है जान
बेहोशी की स्थिति में घबराकर घरेलू तरीके अपनाने के बजाय सही प्राथमिक उपचार देना जरूरी है. चेहरे पर पानी छिड़कने या मुंह में पानी डालने से बचें, सांस की जांच करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें. याद रखें, बेहोश व्यक्ति को सुरक्षित रखना और उसकी सांस सामान्य बनाए रखने में मदद करना, उसे जबरन होश में लाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है.
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