DMRC Lost and Found Service: दिल्ली मेट्रो में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं. भीड़भाड़, जल्दबाजी और लगातार यात्रा के बीच कई बार यात्री अपना मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैग, पर्स, दस्तावेज, ज्वेलरी या अन्य कीमती सामान मेट्रो ट्रेन में या स्टेशन पर भूल जाते हैं. ऐसी स्थिति में अधिकांश लोग घबरा जाते हैं और मान लेते हैं कि उनका सामान अब वापस नहीं मिलेगा. लेकिन हकीकत इससे अलग है.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और CISF की व्यवस्था के कारण हर साल हजारों यात्रियों को उनका खोया हुआ सामान वापस मिल जाता है. हाल ही में CISF ने जानकारी दी कि पिछले छह महीनों में दिल्ली मेट्रो से मिले 22.8 लाख रुपये से अधिक मूल्य के खोए सामान को उसके असली मालिकों तक पहुंचाया गया. इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी शामिल थे.
सबसे पहले क्या करें?
यदि आपको पता चलता है कि आपका सामान मेट्रो में छूट गया है, तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करें. जिस स्टेशन पर आप उतरे हैं वहां के कस्टमर केयर सेंटर से संपर्क करें. ट्रेन का रूट, कोच नंबर (यदि याद हो), यात्रा का समय और सामान का विवरण बताएं. यदि आप स्टेशन से निकल चुके हैं तो तुरंत DMRC हेल्पलाइन पर सूचना दें. विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, सामान मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी.
कैसे काम करता है DMRC का Lost & Found सिस्टम?
दिल्ली मेट्रो में मिलने वाला कोई भी लावारिस सामान सबसे पहले संबंधित स्टेशन के Lost & Found रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है. यदि सामान का मालिक तुरंत नहीं मिलता है तो उसे बाद में केंद्रीय Lost & Found कार्यालय भेज दिया जाता है. यह कार्यालय कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन में स्थित है. मेट्रो स्टाफ और CISF कर्मी स्टेशन परिसर व ट्रेनों में मिले सामान को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया का पालन करते हैं, ताकि वास्तविक मालिक को वस्तु लौटाई जा सके.
यहां करें संपर्क
यदि आपका सामान मेट्रो में खो गया है तो आप इन माध्यमों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
. DMRC हेल्पलाइन: 155370
. Lost & Found सहायता सेवा
. ई-मेल: lostandfound@dmrc.org
. कश्मीरी गेट स्थित केंद्रीय Lost & Found कार्यालय
यात्रियों के लिए जरूरी है कि शिकायत दर्ज कराते समय सामान का पूरा विवरण, यात्रा की तारीख, समय और स्टेशन की जानकारी अवश्य दें.
ऑनलाइन भी कर सकते हैं जांच
DMRC के Lost & Found पोर्टल पर समय-समय पर बरामद वस्तुओं का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाता है. यात्री वहां यह देख सकते हैं कि उनका सामान मिला है या नहीं. कई मामलों में यात्रियों को वेबसाइट पर सूची देखकर अपना सामान वापस प्राप्त करने में मदद मिली है.
हाल के महीनों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर भी कई यात्रियों ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें अपना खोया हुआ बैग, पहचान पत्र और अन्य वस्तुएं वापस मिल गईं.
सामान वापस लेने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
. आधार कार्ड, वोटर आईडी या अन्य फोटो पहचान पत्र
. खोए सामान का सटीक विवरण
. यात्रा से जुड़ी जानकारी
कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जाता है सामान?
DMRC के Lost & Found केंद्र में बरामद सामान को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखा जाता है. यात्रियों को सलाह दी जाती है कि सूचना मिलते ही जल्द से जल्द दावा करें. आधिकारिक Lost & Found सेवा के अनुसार, सामान को कई सप्ताह तक सुरक्षित रखा जाता है और उसके बाद नियमानुसार निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई जाती है.
सबसे ज्यादा कौन-सी चीजें खोती हैं?
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, रोजाना बैग, मोबाइल फोन, पर्स, लैपटॉप, पानी की बोतल, हेलमेट, छाता, पहचान पत्र और दस्तावेज जैसी वस्तुएं मिलती हैं. कई बार यात्रियों के कीमती आभूषण और नकदी भी बरामद होती है.
हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में CISF ने 68 मोबाइल फोन, 32 लैपटॉप, कीमती घड़ियां, नकदी और सोने-चांदी के सामान उनके मालिकों को वापस लौटाए हैं.
यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
खोया सामान वापस मिल सकता है, लेकिन सावधानी सबसे बेहतर उपाय है. ट्रेन से उतरने से पहले अपनी सीट और आसपास की जगह जरूर जांचें. मोबाइल और पर्स को सुरक्षित जेब में रखें. बैग को हमेशा अपने साथ रखें. इंटरचेंज स्टेशन पर विशेष सतर्कता बरतें और यात्रा के दौरान बार-बार अपने जरूरी सामान की जांच करते रहें.
यात्रियों के लिए राहत की खबर
दिल्ली मेट्रो का Lost & Found सिस्टम लगातार अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है. CISF और DMRC के समन्वय के कारण हर साल बड़ी संख्या में यात्रियों को उनका खोया हुआ सामान वापस मिल रहा है. ऐसे में, यदि आपका मोबाइल, बैग, पर्स या कोई अन्य कीमती वस्तु मेट्रो में छूट जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है. सही समय पर शिकायत दर्ज कराकर और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके आप अपना सामान दोबारा प्राप्त कर सकते हैं.
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