World Mental Health Day 2026: दुनियाभर में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सितंबर 2026 में अपडेट की गई फैक्ट शीट के अनुसार, वर्ष 2023 में दुनिया में करीब 1.2 अरब लोग यानी लगभग हर सात में से एक व्यक्ति किसी मानसिक विकार से प्रभावित था. चिंता और अवसाद इससे जुड़ी सबसे आम समस्याओं में शामिल हैं. इसी गंभीर स्थिति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है.
इस साल की थीम क्या है?
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की वैश्विक थीम है- “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change”, यानी मानसिक स्वास्थ्य से जूझ चुके लोगों के अनुभवों को सुनना और उनकी आवाज से वास्तविक बदलाव लाना. WHO का कहना है कि ऐसे लोगों को केवल अपनी कहानी साझा करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी नीतियों, उपचार सेवाओं और फैसलों में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए.
भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और समावेशी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है. मंत्रालय के अनुसार, देश में Tele-MANAS हेल्पलाइन शुरू होने के बाद से अक्टूबर 2026 तक 47.75 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं. देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसकी 53 इकाइयां संचालित हैं.
Tele-MANAS हेल्पलाइन से कैसे मिलेगी मदद?
मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक परेशानी या नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे लोग Tele-MANAS की टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क कर सकते हैं. यह सेवा निशुल्क, गोपनीय और 24 घंटे उपलब्ध है. इसके माध्यम से प्रशिक्षित काउंसलर से बातचीत कर शुरुआती सहायता और जरूरत के अनुसार मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है.
मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
मानसिक स्वास्थ्य का असर व्यक्ति की पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है. कई बार सामाजिक झिझक या लोगों के फैसले के डर से व्यक्ति अपनी परेशानी साझा नहीं करता और मदद लेने में देरी करता है. WHO के मुताबिक, प्रभावी उपचार उपलब्ध होने के बावजूद मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित बहुत से लोगों को जरूरी देखभाल नहीं मिल पाती. ऐसे में, परिवार और समाज का सहयोग, समय पर विशेषज्ञ की मदद और भेदभाव से मुक्त माहौल बेहद महत्वपूर्ण हैं.
मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना जरूरी
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का संदेश है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है. किसी व्यक्ति की परेशानी को कमजोरी समझने के बजाय उसकी बात सुनना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ तक पहुंचने में मदद करना जरूरी है. मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए समय पर सहायता लेने से उपचार और देखभाल की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है.
यह भी पढ़ें- डॉक्टर या अस्पताल ने 100% इलाज की गारंटी दी तो खैर नहीं! जानें NMC के नए नियम




