TCS Controversy: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल Tata Consultancy Services (TCS) के नासिक स्थित BPO यूनिट से जुड़ा विवाद अब और गहराता जा रहा है. पहले यह मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब जांच में कई चौंकाने वाले नए खुलासे सामने आए हैं. ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों ने आरोप लगाए हैं कि ट्रेनिंग के दौरान कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते थे और धार्मिक मान्यताओं का मजाक उड़ाते थे.
ट्रेनिंग के दौरान विवादित टिप्पणियों के आरोप
जांच में सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि वे ट्रेनिंग और टीम इंटरैक्शन के दौरान धार्मिक बहस छेड़ते थे. शिकायतों में कहा गया है कि हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीकों, पूजा-पद्धतियों और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी धार्मिक आस्था को कमजोर करने की कोशिश की गई और उन्हें बार-बार अपनी मान्यताओं पर सवाल उठाने के लिए मजबूर किया गया.
FIR में दर्ज गंभीर आरोप
इस मामले में अब तक 9 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी हैं. पुलिस के मुताबिक, शिकायतों में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. कुछ मामलों में आरोप है कि कर्मचारियों से निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछे गए, अश्लील टिप्पणियां की गईं और कार्यस्थल का माहौल असुरक्षित बना दिया गया.
4 साल से चल रहा था कथित पैटर्न
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई एक-दो घटनाओं तक सीमित मामला नहीं है. आरोप है कि 2022 से लेकर 2026 तक लगातार इस तरह की गतिविधियां चलती रहीं. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि कई पीड़ितों ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
SIT जांच और कंपनी की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एचआर मैनेजर निदा खान समेत आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसिफ अत्तर शामिल हैं. वहीं, TCS प्रबंधन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है. टीसीएस ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात दोहराई है.
धार्मिक संवेदनशीलता पर छिड़ी तीखी बहस
यह मामला अब सिर्फ एक कॉर्पोरेट विवाद नहीं रह गया है, बल्कि देशभर में धार्मिक संवेदनशीलता और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छेड़ चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना कंपनियों में कार्यस्थल संस्कृति, HR सिस्टम और शिकायत निवारण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
कॉर्पोरेट सेक्टर पर बड़े सवाल
TCS नासिक कांड में सामने आए नए खुलासों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है. अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल कंपनी की छवि, बल्कि पूरे कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है. फिलहाल सभी की नजरें SIT जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, जो इस मामले की सच्चाई सामने लाएगी.
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