Unemployment News: आज के समय में नौकरी पाना पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है. उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद लाखों युवा बेहतर अवसरों की तलाश में भटक रहे हैं. इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया है. एक मास्टर डिग्रीधारक युवक पिछले एक साल से बेरोजगार है. उसने हजारों नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन उसे कहीं भी सफलता नहीं मिली. लगातार असफलताओं ने उसे मानसिक रूप से इतना थका दिया है कि अब वह खुद को सुन्न महसूस करने लगा है.
12 हजार कोशिशें, फिर भी खाली हाथ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक यूजर ने अपनी आपबीती साझा की. उसके मुताबिक, उसने मई 2025 में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की थी, लेकिन तब से अब तक उसे कोई नौकरी नहीं मिल सकी. उसने बताया कि एक साल के भीतर उसने LinkedIn पर 6000 से अधिक, Indeed पर 4500, Glassdoor पर 664 और NaukriGulf पर करीब 900 आवेदन किए. इसके बावजूद उसे एक भी ऑफर नहीं मिला. यह आंकड़ा आज के प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट की सच्चाई को दर्शाता है.
रिजेक्शन की आदत, खत्म हुआ डर
युवक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह अब इस स्थिति से पूरी तरह थक चुका है. पहले हर रिजेक्शन उसे परेशान करता था, लेकिन अब हालत यह है कि उसे न डर महसूस होता है और न ही शर्म. उसने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि मैं इतने लंबे समय तक बेरोजगारी के साथ कैसे जी पाया. अब तो ऐसा लगता है कि मैं कुछ महसूस ही नहीं करता, जैसे पूरी तरह सुन्न हो गया हूं.” यह बयान साफ करता है कि लंबे समय तक बेरोजगारी का असर केवल करियर पर नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहराई से पड़ता है.
लोगों ने बढ़ाया हौसला, सिस्टम पर भी सवाल
यह पोस्ट वायरल होते ही कई लोगों ने युवक का समर्थन किया और अपने अनुभव साझा किए. एक यूजर ने लिखा, “मुझे 15 महीने बाद नौकरी मिली, इसलिए उम्मीद मत छोड़ो.” वहीं, दूसरे ने कहा, “यह दौर कठिन है, लेकिन यह तुम्हारी गलती नहीं है.” कुछ यूजर्स ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब कंपनियां AI के जरिए रिज्यूमे फिल्टर कर रही हैं, जिससे कई योग्य उम्मीदवार शुरुआती चरण में ही बाहर हो जाते हैं.
यह घटना न सिर्फ एक युवक की व्यक्तिगत कहानी है, बल्कि उन लाखों युवाओं की हकीकत को बयां करती है जो लगातार कोशिशों के बावजूद सही अवसर नहीं पा रहे हैं.
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