Pappu Yadav Remarks on Women: अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले पप्पू यादव ने इस बार ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक आग लगा दी. महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताने के नाम पर उन्होंने यह कह दिया कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के कमरे से शुरू होता है. यह बयान न सिर्फ बेहद आपत्तिजनक है, बल्कि महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों का सीधा अपमान भी माना जा रहा है. इस टिप्पणी के वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, यूजर्स ने कसे तंज
पप्पू यादव के इस बयान पर विपक्ष ही नहीं, उनकी अपनी राजनीतिक समझ पर भी सवाल उठ रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि जो नेता खुद को जनता का प्रतिनिधि बताते हैं, उन्हें शब्दों की मर्यादा समझनी चाहिए. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तीखा तंज कसते हुए कहा- “जो सोच में गंदगी हो, वही जुबान पर आती है.”
पत्नी भी हैं वरिष्ठ नेता, फिर भी ऐसा बयान?
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन खुद एक जानी-मानी महिला नेता हैं. वह वर्तमान में कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं और छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करती हैं. ऐसे में, सवाल उठना लाजिमी है कि जब उनके अपने घर में एक सफल महिला नेता मौजूद हैं, तो फिर ऐसी सोच आखिर कहां से आती है?
बयान से झलकती सोच या सस्ती लोकप्रियता?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान अक्सर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दिए जाते हैं. लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है. महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और माफी की मांग की है.
राजनीति में भाषा की मर्यादा जरूरी
कुल मिलाकर, पप्पू यादव का यह बयान न केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि राजनीति के स्तर को भी गिराता नजर आता है. लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए. अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद वह सफाई देते हैं या फिर विवाद को और हवा मिलती है.
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