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पेट्रोल पंप पर हो रही चालाकी! इन आसान तरीकों से मिलावटी तेल की करें पहचान

Fake Petrol Identification: देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच अब मिलावटी और नकली पेट्रोल का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. कई राज्यों में वाहन चालकों ने शिकायत की है कि पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी बाइक या कार अचानक झटके देने लगी, माइलेज कम हो गया या इंजन से अजीब आवाज आने लगी. विशेषज्ञों के अनुसार, खराब या मिलावटी पेट्रोल सीधे इंजन, फ्यूल इंजेक्टर और माइलेज पर असर डालता है.

हाल के महीनों में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल क्वालिटी को लेकर जांच भी तेज हुई है. ऐसे में, वाहन मालिकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि असली और नकली पेट्रोल की पहचान कैसे करें और खुद को नुकसान से कैसे बचाएं.

नकली पेट्रोल में क्या मिलाया जाता है?
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मिलावटी पेट्रोल में अक्सर केरोसिन, सॉल्वेंट, नेफ्था या अन्य सस्ते ज्वलनशील केमिकल मिलाए जाते हैं. कई मामलों में एथेनॉल की मात्रा तय सीमा से ज्यादा होने की भी शिकायतें सामने आई हैं. इससे इंजन की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है. BS6 और E20 जैसे नए फ्यूल मानकों के दौर में भी खराब क्वालिटी का ईंधन गाड़ियों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है.

ऐसे पहचानें कि पेट्रोल नकली है या नहीं
1. गाड़ी के व्यवहार पर ध्यान दें
अगर आपकी बाइक या कार अचानक कम माइलेज देने लगे, एक्सीलरेशन में दिक्कत आए, इंजन मिसफायर करे या ज्यादा धुआं निकले, तो यह खराब पेट्रोल का संकेत हो सकता है. कई बार इंजन स्टार्ट होने में परेशानी भी होने लगती है.

2. सफेद कागज वाला टेस्ट
यह सबसे आसान घरेलू तरीका माना जाता है. एक साफ सफेद कागज पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालें. अगर पेट्रोल शुद्ध होगा तो वह जल्दी उड़ जाएगा और कागज पर कोई निशान नहीं छोड़ेगा. लेकिन अगर दाग या तेल जैसा निशान रह जाए, तो समझिए पेट्रोल में मिलावट हो सकती है.

3. गंध से करें पहचान
शुद्ध पेट्रोल की गंध अलग और तेज होती है. अगर पेट्रोल में केरोसिन या किसी केमिकल जैसी बदबू आए, तो सावधान हो जाएं. विशेषज्ञ मानते हैं कि मिलावटी पेट्रोल की स्मेल सामान्य से अलग होती है.

4. डेंसिटी टेस्ट जरूर देखें
अब कई पेट्रोल पंपों पर डेंसिटी मीटर मौजूद होता है. ग्राहक चाहें तो फ्यूल की डेंसिटी जांच सकते हैं. यदि डेंसिटी तय मानकों से अलग हो, तो फ्यूल की क्वालिटी संदिग्ध हो सकती है. केवल मीटर में “0.00” देखना काफी नहीं माना जा रहा.

5. पानी से भी कर सकते हैं असली-नकली पेट्रोल की पहचान
विशेषज्ञों के अनुसार पानी की मदद से भी पेट्रोल में मिलावट की पहचान की जा सकती है. इसके लिए एक पारदर्शी बोतल या ग्लास में थोड़ा पेट्रोल लें और उसमें कुछ बूंद पानी डालें. यदि पेट्रोल शुद्ध होगा तो पानी नीचे अलग परत में बैठ जाएगा, क्योंकि पेट्रोल और पानी आपस में नहीं घुलते. लेकिन अगर पेट्रोल में एथेनॉल, केमिकल या अन्य मिलावटी पदार्थ अधिक मात्रा में मिले हों, तो तरल का रंग बदल सकता है या मिश्रण धुंधला दिखाई देने लगता है. हालांकि यह केवल शुरुआती संकेत देता है, पूरी तरह सटीक जांच के लिए अधिकृत लैब टेस्ट या पेट्रोल पंप की क्वालिटी जांच जरूरी मानी जाती है.

पेट्रोल पंप पर इन बातों का रखें ध्यान
हमेशा भरोसेमंद और अधिकृत पेट्रोल पंप से ही फ्यूल भरवाएं.
पेट्रोल भरवाने से पहले मीटर “0” पर जरूर देखें.
रसीद जरूर लें, ताकि शिकायत करने में आसानी हो.
शक होने पर तुरंत 5 लीटर माप टेस्ट की मांग करें.

नकली पेट्रोल से क्या नुकसान हो सकता है?
मिलावटी पेट्रोल लंबे समय तक इस्तेमाल करने से इंजन जाम होने, स्पार्क प्लग खराब होने, फ्यूल पंप डैमेज होने और माइलेज घटने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में वाहन की सर्विसिंग लागत भी काफी बढ़ जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि खराब ईंधन से नई BS6 गाड़ियों में सेंसर और इंजेक्टर सिस्टम पर ज्यादा असर पड़ता है.

शिकायत कहां करें?
अगर किसी पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल का संदेह हो, तो ग्राहक संबंधित ऑयल कंपनी, लीगल मेट्रोलॉजी विभाग या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन में शिकायत कर सकते हैं. उपभोक्ता आयोग में भी मामला दर्ज कराया जा सकता है.

वाहन विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता आपकी कार या बाइक को बड़े नुकसान से बचा सकती है. इसलिए अगली बार पेट्रोल भरवाते समय सिर्फ कीमत नहीं, उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान जरूर दें.

यह भी पढ़ें- बैंक अकाउंट में नॉमिनी नहीं? जानिए पैसा निकालने का कानूनी तरीका

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