Rabri Devi Bungalow Controversy: बिहार की राजनीति में इन दिनों 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान मचा हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकार की ओर से आवास खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस दिए जाने के बाद मामला और गर्म हो गया है. इसी बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकारी नियमों का पालन सभी को करना होगा और घर तो खाली करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सरकारी संपत्ति किसी की निजी जागीर नहीं हो सकती.
क्या है पूरा बंगला विवाद?
विवाद पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर है, जहां राबड़ी देवी लंबे समय से रह रही हैं. बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने हाल ही में यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है. विभाग ने राबड़ी देवी को 15 दिन के भीतर आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है और उन्हें उनके लिए आवंटित दूसरे सरकारी आवास में स्थानांतरित होने को कहा गया है.
सरकार का कहना है कि राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते दूसरा सरकारी आवास पहले से उपलब्ध कराया जा चुका है. ऐसे में, पुराने आवास पर कब्जा बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है.
सम्राट चौधरी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बिहार में कानून सबके लिए समान है. उन्होंने कहा कि यह राजतंत्र नहीं, बल्कि लोकतंत्र है और किसी व्यक्ति या परिवार की बपौती के तौर पर सरकारी आवास नहीं चल सकता. सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगला खाली होगा और नियमों का पालन हर हाल में कराया जाएगा.
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि कुछ नेताओं को सरकारी बंगलों से जरूरत से ज्यादा लगाव हो गया है, जबकि सत्ता बदलने के बाद नियमों के अनुसार आवास छोड़ना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है.
15 दिन के नोटिस पर बढ़ा राजनीतिक तापमान
सरकार द्वारा जारी 15 दिन के नोटिस ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है. राजद इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि एनडीए सरकार इसे प्रशासनिक कार्रवाई और नियमों के पालन का मामला बता रही है. सरकार का तर्क है कि जब नया आवास तैयार है तो पुराने आवास को खाली करना ही होगा.
दूसरी ओर, राबड़ी देवी पहले ही कह चुकी हैं कि वे बंगला खाली नहीं करेंगी और सरकार चाहे तो जबरन कार्रवाई करके दिखाए. इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है.
तेज प्रताप यादव का ताजा रिएक्शन
राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी इस विवाद में खुलकर अपनी मां का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में नियमों की बात कर रही है तो सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया जाना चाहिए. तेज प्रताप ने कहा कि जिस दिन नीतीश कुमार अपना आवास छोड़ देंगे, उसी दिन राबड़ी देवी भी 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली कर देंगी.
तेज प्रताप ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उनके बयान के बाद विवाद और अधिक राजनीतिक हो गया है.
राजद का पलटवार
राजद नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी सवाल उठाए हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता पक्ष नियमों की दुहाई देकर विपक्ष को परेशान कर रहा है. राजद की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. वहीं रोहिणी आचार्य समेत लालू परिवार के अन्य सदस्य भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सरकार के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं.
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि 15 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद बिहार सरकार क्या कदम उठाती है. यदि राबड़ी देवी आवास खाली नहीं करती हैं तो प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. दूसरी ओर, राजद इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है.
बंगले से आगे बढ़ी राजनीतिक लड़ाई
10 सर्कुलर रोड बंगला विवाद अब केवल एक सरकारी आवास का मामला नहीं रह गया है, बल्कि बिहार की राजनीति का नया केंद्र बन चुका है. एक तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नियमों के पालन और सरकारी संपत्ति पर समान अधिकार की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर राजद इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताकर सरकार को घेर रही है. 15 दिन के नोटिस और तेज प्रताप यादव की ताजा प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक सियासी रंग लेने की संभावना रखता है.
यह भी पढ़ें- खान सर vs अंजना ओम कश्यप: सोशल मीडिया पर छिड़ी डिजिटल जंग! आखिर कैसे भड़की बहस और क्यों बंट गए लोग?




