Delhi Malviya Nagar Fire: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार, 3 जून 2026 की सुबह एक भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया. स्थानीय होटल-रेस्टोरेंट परिसर में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके कारण कई लोग इमारत के भीतर फंस गए. शुरुआती घंटों में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए, लेकिन दोपहर तक मृतकों की संख्या बढ़कर 21 पहुंचने की पुष्टि हुई. कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है.
सुबह करीब 9 बजे मिली आग लगने की सूचना
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को सुबह लगभग 9 बजे से 9:45 बजे के बीच आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने कई फायर टेंडर, वॉटर बाउजर और विशेष राहत इकाइयों को घटनास्थल पर रवाना किया. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग ऊपरी मंजिलों व बेसमेंट में फंस गए.
जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से कूदे लोग
हादसे के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिनमें लोग अपनी जान बचाने के लिए बालकनी और खिड़कियों से नीचे उतरने या कूदने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था. स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और कई फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया.
बेसमेंट में फंसे लोगों को निकालने के लिए चला विशेष अभियान
घटना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बेसमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकालना रही. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बेसमेंट से कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि कुछ लोग लंबे समय तक अंदर फंसे रहे. दमकल कर्मियों ने ऑक्सीजन उपकरणों और विशेष सुरक्षा किट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. कई घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
विदेशी नागरिक भी थे होटल में मौजूद
राहत एजेंसियों के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी वहां होटल जैसी आवासीय सुविधा भी संचालित की जा रही थी. रिपोर्टों में बताया गया है कि कुछ विदेशी नागरिक भी वहां ठहरे हुए थे. बचाव दल ने दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया.
आग लगने की वजह अब भी रहस्य
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है. शुरुआती जांच में रेस्टोरेंट और बेसमेंट क्षेत्र को आग का संभावित स्रोत माना जा रहा है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि भवन में अग्नि सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मात्रा में मौजूद थे या नहीं और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था. यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार और हादसे की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बाजारों, होटलों और व्यावसायिक इमारतों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. मालवीय नगर का यह हादसा एक बार फिर भवन सुरक्षा, फायर एनओसी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट और फायर ड्रिल कराई जाए तो ऐसे हादसों में जानमाल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. अग्निकांड की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट, सुरक्षा चूक या किसी अन्य कारण से हुआ. राजधानी के सबसे बड़े अग्निकांडों में शामिल इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है.
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