Khan Sir Coaching Centre Attack: पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर की कोचिंग के बाहर 2 जून 2026 की देर रात हुई कथित फायरिंग की घटना ने बिहार के शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है. शुरुआती खबरों में इसे खान सर की कोचिंग पर हमला और ताबड़तोड़ गोलीबारी बताया गया, लेकिन 3 जून 2026 तक सामने आई पुलिस जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है. फिलहाल मामला दो कोचिंग संस्थानों के छात्रों और समर्थकों के बीच विवाद, मारपीट, तोड़फोड़ और कथित फायरिंग के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा है.
क्या हुआ था मुसल्लहपुर हाट में?
बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणाम आने के बाद मंगलवार रात बड़ी संख्या में छात्र खान सर की कोचिंग के बाहर मौजूद थे. इसी दौरान दूसरे संस्थान से जुड़े कुछ छात्रों और समर्थकों के साथ कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, पोस्टर और बैनर फाड़े गए व गेट पर तोड़फोड़ की गई. घटना में कोचिंग के एक सुरक्षा गार्ड को गंभीर चोटें आईं. उसके सिर पर वार किया गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
खान सर ने पहले क्या कहा था?
घटना के बाद खान सर ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने स्वयं 8 से 10 राउंड गोलियां चलती देखीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व उनकी कोचिंग को धमकाने आए थे और कम फीस में पढ़ाने व बेहतर परिणाम देने से कुछ लोगों को परेशानी है. खान सर ने यह भी कहा कि उनके गार्ड को बुरी तरह पीटा गया और कोचिंग को नुकसान पहुंचाया गया. खान सर ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की है. घटना के बाद एहतियातन कोचिंग को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया.
फायरिंग के दावे पर बदले खान सर के सुर
पहले गोलीबारी का दावा करने वाले खान सर ने बाद में कहा कि घटनास्थल पर इतना तनाव और अफरातफरी थी कि उन्हें स्पष्ट रूप से समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या था. दूसरी ओर, पटना पुलिस ने जांच के आधार पर फायरिंग की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि मौके पर गोली चलने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.
पुलिस का बयान: क्या सचमुच चली गोली?
यही इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है. पटना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि मौके पर वास्तव में गोली चली थी. सिटी एसपी और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अब तक गोली चलने के ठोस भौतिक साक्ष्य नहीं मिले हैं. पुलिस के अनुसार, फिलहाल मारपीट, तोड़फोड़ और गार्ड के घायल होने की घटना स्पष्ट रूप से सामने आई है, लेकिन फायरिंग की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी.
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि घटना में एक गार्ड घायल हुआ है और उसके बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है. आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं.
दो कोचिंग संस्थानों के बीच पुराना विवाद?
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई है कि खान सर की कोचिंग और एक अन्य कोचिंग संस्थान के बीच लंबे समय से प्रतिस्पर्धा और वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी. कई मीडिया रिपोर्टों में “ज्ञान बिंदु” नामक संस्थान का उल्लेख किया गया है. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी संस्थान को आधिकारिक रूप से आरोपी नहीं ठहराया है और न ही किसी संस्थान के खिलाफ प्रत्यक्ष आरोपों की पुष्टि की है. इसलिए यह कहना कि हमला किसी विशेष कोचिंग संस्थान ने कराया, फिलहाल तथ्यों के आधार पर सिद्ध नहीं है.
फैक्ट चेक: वायरल दावों में कितनी सच्चाई?
सोशल मीडिया पर कई पोस्टों में दावा किया गया कि खान सर की कोचिंग पर “आतंकी हमला” हुआ, “दर्जनों गोलियां चलीं” या “गार्ड को गोली लगी”.
अब तक उपलब्ध पुलिस जानकारी के आधार पर:
गार्ड के घायल होने की पुष्टि हुई है.
मारपीट और तोड़फोड़ की पुष्टि हुई है.
दो पक्षों के बीच विवाद की पुष्टि हुई है.
गार्ड को गोली लगने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
मौके से गोली या खोखे मिलने की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
किसी संस्थान की संलिप्तता पुलिस ने अभी प्रमाणित नहीं की है.
फायरिंग हुई या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है.
छात्रों में आक्रोश, सड़क पर प्रदर्शन
घटना के बाद खान सर के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए. कई छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे.
अफरातफरी में फैली फायरिंग की खबर?
3 जून 2026 तक उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, खान सर की कोचिंग के बाहर गंभीर झड़प, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई है, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हुआ है. शुरू में खान सर ने फायरिंग का दावा किया था, लेकिन पुलिस अभी तक गोली चलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर पाई है. सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में गोली चली थी या अफरा-तफरी के बीच फायरिंग की खबर फैल गई. इसलिए फिलहाल “फायरिंग की पुष्टि” और “फायरिंग का दावा” इन दोनों में अंतर समझना जरूरी है.
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