Vande Mataram Controversy 2026: स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस के दिल्ली स्थित मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान का आरोप लगाया. हालांकि, वीडियो में दिख रहे नेताओं के हाव-भाव की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्या की जा रही है और कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है.
वीडियो को लेकर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
वायरल वीडियो में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत और इशारे करते हुए देखा जा रहा है. राहुल गांधी भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे. इसी दृश्य को आधार बनाकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के गायन के दौरान अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 16 अगस्त को इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को राष्ट्रीय गीत के प्रति कथित रवैये पर शर्मिंदा होना चाहिए और इसे राजनीतिक दृष्टि से भी निशाना बनाया. बीजेपी की ओर से इस मामले में कांग्रेस से माफी की मांग भी उठी है.
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. पार्टी की ओर से कहा गया कि सोनिया गांधी का मकसद ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करना नहीं था. कांग्रेस के मुताबिक, वह उस समय मल्लिकार्जुन खड़गे के बैठने की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं और उनकी सुविधा का ध्यान रख रही थीं. बीजेपी के आरोपों को कांग्रेस ने वीडियो की अधूरी व्याख्या बताया.
इस विवाद के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बहस नई नहीं है. 2025 में इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संसद में भी इसके इतिहास, शुरुआती दो अंतरों और बाद के अंशों को लेकर दोनों दलों के बीच तीखी राजनीतिक बहस हुई थी. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उस समय कहा था कि शुरुआती दो अंतरों के इस्तेमाल का फैसला स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं की सहमति से हुआ था.
राष्ट्रीय गीत पर फिर गर्म हुई सियासत
15 अगस्त के कार्यक्रम से शुरू हुआ यह विवाद अब 16 अगस्त तक राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है. बीजेपी इसे राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक आरोप और वीडियो की गलत व्याख्या बता रही है.
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि सोनिया गांधी, खड़गे या राहुल गांधी ने जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान किया. विवाद का केंद्र मुख्य रूप से वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे हाव-भाव और उनकी राजनीतिक व्याख्या है. ऐसे में, बिना पूरी परिस्थिति जाने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है.
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