Amit Malviya Latest News: भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के साथ एक बड़ा बदलाव सामने आया है. लंबे समय तक बीजेपी के आईटी सेल और डिजिटल नैरेटिव की कमान संभालने वाले अमित मालवीय को नई टीम में जगह नहीं मिली है. उनकी जगह दीपक म्हस्के को पार्टी की डिजिटल और सोशल मीडिया जिम्मेदारी दी गई है. यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अमित मालवीय ने हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई थी. 18 अगस्त 2026 तक सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं, बल्कि संगठनात्मक फेरबदल और भविष्य की रणनीति जैसे कई समीकरण बताए जा रहे हैं.
बंगाल की जीत में अहम रही मालवीय की भूमिका
अमित मालवीय पिछले कई वर्षों से बीजेपी के सबसे प्रमुख डिजिटल रणनीतिकारों में गिने जाते रहे हैं. वह पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी भी थे और 2020 से राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे. 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 200 से अधिक सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाने का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. चुनावी रणनीति में बूथ स्तर के संगठन, जमीनी अभियान और डिजिटल नैरेटिव को एक साथ आगे बढ़ाने में मालवीय की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया.
फिर नई टीम में जगह क्यों नहीं मिली?
ताजा रिपोर्टों में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि अमित मालवीय का आईटी सेल प्रमुख के पद से हटना अचानक लिया गया फैसला नहीं माना जा रहा. सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद ही पार्टी नेतृत्व से इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की इच्छा जताई थी. नए उत्तराधिकारी और उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर भी शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा होने की बात कही गई है. हालांकि, बीजेपी ने इस विषय पर कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है.
यूपी के संगठनात्मक समीकरण भी चर्चा में
नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को खास प्रतिनिधित्व मिला है. रिपोर्टों के अनुसार, यूपी से स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को महासचिव बनाया गया है, जबकि रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है. अमित मालवीय भी उत्तर प्रदेश से आते हैं. ऐसे में, संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के कारण उन्हें किसी दूसरे बड़े पद पर समायोजित न किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, इन अटकलों की बीजेपी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
नई टीम में ‘फ्रेश फेस’ और अनुभवी नेताओं का मिश्रण
नितिन नबीन की नई टीम में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं. कई पुराने पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को मौका मिला है, जबकि राम माधव और स्मृति ईरानी जैसे अनुभवी नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां मिली हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, कई राष्ट्रीय सचिवों और अन्य पदाधिकारियों को भी बदला गया है. ऐसे में, अमित मालवीय का बाहर होना केवल एक व्यक्ति तक सीमित बदलाव नहीं, बल्कि व्यापक संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा माना जा रहा है.
क्या खत्म हो गई अमित मालवीय की राजनीतिक भूमिका?
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी. बंगाल में उनके अनुभव और डिजिटल राजनीति में लंबे योगदान को देखते हुए पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चा जारी है. ताजा रिपोर्टों में यह संकेत जरूर मिले हैं कि संगठन में उनकी जिम्मेदारी बदल सकती है, लेकिन 18 अगस्त 2026 तक उनके अगले पद या भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है. इसलिए ‘छुट्टी’ को राजनीतिक करियर का अंत मानने के बजाय इसे बीजेपी के मौजूदा संगठनात्मक पुनर्गठन के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा.
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