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‘औकात पता चल जाएगा, कुत्ता भी नहीं पूछेगा…’ JDU से निकाले जाने पर अनंत सिंह का विस्फोटक हमला

Anant Singh Latest News: बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने ऐसा सियासी बयान दिया है, जिसने जनता दल यूनाइटेड (JDU) में मचे घमासान को और गरमा दिया है. पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अनंत सिंह के तेवर नरम पड़ने के बजाय और तीखे हो गए. उन्होंने पार्टी के भविष्य पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू 12 सीटों पर सिमट जाएगी. साथ ही, अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में कहा कि अब पार्टी को अपनी औकात पता चल जाएगी.

औकात पता चल जाएगा: अनंत सिंह की खुली चुनौती
अनंत सिंह ने निष्कासन के बाद पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें निकालने का फैसला अब जेडीयू को भारी पड़ सकता है. उनके बयान में नाराजगी भी दिखी और राजनीतिक चुनौती भी. उन्होंने कहा कि मंत्री बनकर बैठे नेताओं को भी अपनी राजनीतिक हैसियत का पता चल जाएगा. उनकी 12 सीटों पर सिमटने की भविष्यवाणी ने इस विवाद को और दिलचस्प बना दिया है. हालांकि, यह अनंत सिंह का राजनीतिक दावा है, कोई चुनावी नतीजा नहीं. इसका सच भविष्य के चुनाव परिणाम ही बताएंगे.

कुत्ता नहीं पूछेगा: समर्थकों के बीच चर्चा में बयान
अनंत सिंह ने अपने बयान में बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पार्टी की हालत ऐसी हो जाएगी कि उसे कोई पूछने वाला नहीं रहेगा. उनका यह अंदाज सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सुर्खियां बटोर रहा है. उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी से निकाले जाने का उन्हें अफसोस नहीं है और वह अपने पुराने रुख पर कायम हैं. यानी सदस्यता गई, लेकिन तेवर जस के तस हैं. जेडीयू नेतृत्व के लिए यह बयान महज नाराजगी नहीं, बल्कि सार्वजनिक तौर पर दी गई राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

केकड़ा-बिच्छू सब मालिक बना है: नीतीश कुमार पर क्या बोले?
अनंत सिंह ने पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, “केकड़ा-बिच्छू सब पार्टी का मालिक बन गया है.” वहीं, नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए उनका सम्मान पहले की तरह बना रहेगा. उनके मुताबिक, नीतीश कुमार होते तो उन्हें पार्टी से कौन निकालता? यही इस पूरे विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू है. अनंत सिंह एक तरफ जेडीयू के मौजूदा नेतृत्व पर हमला कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा भी जता रहे हैं.

नीरज कुमार के विरोध से शुरू हुई कार्रवाई
इस सियासी ड्रामे की जड़ बिहार विधान परिषद चुनाव है. जेडीयू का आरोप है कि अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया. पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए 24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया.

अब विधायकी पर भी नजर, लेकिन फैसला बाकी
जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से भी कार्रवाई की अनुशंसा की है. हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधायक पद से अयोग्यता दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. 25 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनकी विधायकी समाप्त होने का अंतिम फैसला सामने नहीं आया है. विधान परिषद चुनाव के मतों की गिनती 27 अक्टूबर को निर्धारित है, इसलिए उसके नतीजों पर भी नजर रहेगी.

फिलहाल, बिहार की राजनीति में सवाल यही है- क्या अनंत सिंह की यह खुली चुनौती जेडीयू के लिए मुश्किलें बढ़ाएगी, या फिर यह बयानबाजी तक ही सीमित रहेगी? एक बात साफ है- पार्टी से बाहर होने के बाद भी अनंत सिंह ने सियासी मैदान छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है.

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