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डिजिटल फ्रॉड पर RBI का वार! अब बड़े ट्रांजैक्शन पर लगेगा 1 घंटे का ब्रेक, जानिए क्या है ‘कूलिंग टाइम’ नियम

RBI Digital Payment Security Update: डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए Reserve Bank of India (RBI) एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. नए प्रस्ताव के तहत अब बड़े अमाउंट वाले UPI ट्रांजैक्शन तुरंत पूरे नहीं होंगे, बल्कि उन पर करीब 1 घंटे का “कूलिंग टाइम” लागू किया जा सकता है. इस दौरान यूजर के पास ट्रांजैक्शन को रोकने या कैंसिल करने का मौका होगा. RBI का यह कदम ऐसे समय आया है जब देश में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है और हजारों करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है.

क्या है 1 घंटे का ‘कूलिंग टाइम’ नियम?
प्रस्ताव के अनुसार, 10,000 रुपये से अधिक के अकाउंट-टू-अकाउंट ट्रांजैक्शन या UPI को तुरंत प्रोसेस नहीं किया जाएगा. इसके बजाय बैंक उस रकम को एक घंटे तक होल्ड पर रखेंगे.

इस “कूलिंग पीरियड” के दौरान यूजर ट्रांजैक्शन को कैंसिल कर सकता है, बैंक संदिग्ध गतिविधि को मॉनिटर कर सकता है और फ्रॉड होने की स्थिति में नुकसान रोका जा सकता है. यह नियम खासतौर पर पहली बार होने वाले या अनजान खातों में बड़े ट्रांसफर पर लागू हो सकता है.

संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर दोबारा कन्फर्मेशन जरूरी
RBI ने यह भी सुझाव दिया है कि अगर कोई ट्रांजैक्शन संदिग्ध लगे, तो उसे तुरंत पूरा नहीं किया जाएगा. पहले यूजर से दोबारा कन्फर्मेशन लिया जाएगा, बिना पुष्टि के पेमेंट प्रोसेस नहीं होगा. इसका मकसद है कि अगर किसी यूजर को धोखे से पैसे भेजने के लिए मजबूर किया जा रहा है, तो उसे सोचने का समय मिल सके.

क्यों जरूरी पड़ा यह नया नियम?
आंकड़ों के अनुसार, डिजिटल फ्रॉड के मामलों में भारी उछाल आया है. कुल फ्रॉड राशि में 98% से ज्यादा हिस्सा बड़े ट्रांजैक्शन से जुड़ा है. अधिकतर मामलों में ठग तकनीकी हैकिंग नहीं करते, बल्कि लोगों को फोन, मैसेज या फर्जी पहचान के जरिए बहलाकर खुद पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं. इसे “Authorized Push Payment Fraud” कहा जाता है.

किन ट्रांजैक्शन पर नहीं पड़ेगा असर?
RBI के प्रस्ताव के अनुसार, कुछ पेमेंट इस नियम से बाहर रहेंगे, जैसे- मर्चेंट पेमेंट (दुकान, ऑनलाइन शॉपिंग), ऑटो-डेबिट (EMI, सब्सक्रिप्शन), NACH और चेक ट्रांजैक्शन. इसके अलावा, यूजर अपने भरोसेमंद खातों को “व्हाइटलिस्ट” भी कर सकता है, जिससे बार-बार ट्रांजैक्शन में देरी न हो.

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा
RBI ने 70 साल से अधिक उम्र के लोगों और दिव्यांगों के लिए भी खास सुरक्षा का सुझाव दिया है. 50,000 रुपये से अधिक ट्रांजैक्शन पर “ट्रस्टेड पर्सन” की मंजूरी जरूरी होगी. इससे बड़े फ्रॉड को रोका जा सकेगा.

‘किल स्विच’ फीचर भी आएगा
एक और अहम प्रस्ताव “किल स्विच” का है. यूजर एक क्लिक में सभी डिजिटल पेमेंट बंद कर सकेगा. इससे फ्रॉड का शक होते ही तुरंत सुरक्षा मिल जाएगी.

क्या पड़ेगा आम लोगों पर असर?
इस नियम से जहां सुरक्षा बढ़ेगी, वहीं कुछ दिक्कतें भी हो सकती हैं. इससे तुरंत पेमेंट की सुविधा प्रभावित होगी और इमरजेंसी में देरी हो सकती है. हालांकि, RBI का मानना है कि थोड़ी देरी बड़े नुकसान से बचा सकती है.

डिजिटल सुरक्षा की ओर बड़ा कदम, फ्रॉड पर लगेगा लगाम
RBI का यह प्रस्ताव डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. 1 घंटे का कूलिंग टाइम, डबल कन्फर्मेशन और किल स्विच जैसे फीचर्स आने वाले समय में ऑनलाइन फ्रॉड को काफी हद तक कम कर सकते हैं. फिलहाल यह नियम प्रस्तावित है और लागू होने से पहले लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें- Utility News: अब OTP का झंझट होगा खत्म! ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ से होगा फटाफट पेमेंट

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