Donald Trump Dinner Shooting: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर उस समय दहशत में बदल गया जब अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी. इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई बड़े नेता और पत्रकार मौजूद थे. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
क्या हुआ 25 अप्रैल की रात?
यह घटना 25 अप्रैल 2026 की रात वॉशिंगटन के वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जहां सालाना व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर आयोजित किया जा रहा था. कार्यक्रम शुरू होने के कुछ देर बाद अचानक 5 से 8 राउंड फायरिंग की आवाज सुनी गई, जिससे पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिप गए और कुछ ही सेकंड में सीक्रेट सर्विस ने पूरे इलाके को घेर लिया.
ट्रंप और VIP मेहमानों को कैसे बचाया गया?
फायरिंग की सूचना मिलते ही सीक्रेट सर्विस एजेंट्स तुरंत सक्रिय हो गए. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ ही मिनटों में हालात को नियंत्रित कर लिया और पूरे होटल को लॉकडाउन कर दिया गया.
हमलावर कौन था और कैसे पकड़ा गया?
पुलिस के अनुसार, हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल थॉमस एलेन के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया का रहने वाला है. बताया जा रहा है कि वह होटल में मौजूद था और अचानक सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर बढ़ते हुए फायरिंग शुरू कर दी. उसके पास शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू थे. सीक्रेट सर्विस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे काबू में कर लिया. अधिकारियों का कहना है कि वह “लोन वुल्फ” यानी अकेला हमलावर था.
क्या कोई घायल हुआ?
इस घटना में एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी को गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने की वजह से उसकी जान बच गई. इसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने या मौत की खबर नहीं है.
क्या था हमले का मकसद?
फिलहाल हमलावर के मकसद को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ही हमलावर का निशाना थे या यह सिर्फ सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश थी.
कार्यक्रम रद्द, सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद डिनर कार्यक्रम को तुरंत रद्द कर दिया गया. इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खुद ट्रंप ने भी कहा कि यह पेशा “खतरनाक” होता जा रहा है.
आगे क्या?
हमलावर पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मामले की जांच जारी है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है.
जांच पर टिकी दुनिया की नजर
ट्रंप की डिनर पार्टी में हुई यह फायरिंग घटना न केवल एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट है, बल्कि यह भी दिखाती है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कार्यक्रम भी खतरे से अछूते नहीं हैं. समय पर कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी टाल दी, लेकिन अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी है.
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