Pressure Cooker Safety: रसोई में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल रोजाना होता है. दाल, चावल से लेकर कई तरह की सब्जियां बनाने तक में यह काफी काम आता है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कुकर को गैस चूल्हे पर काफी देर तक रखने के बाद भी सीटी नहीं आती. शुरुआत में लोग इसे मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कुछ लोग गैस की आंच तेज कर देते हैं, तो कुछ कुकर को बार-बार उठाकर देखने लगते हैं. लेकिन आपकी यह छोटी सी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है.
दरअसल, प्रेशर कुकर के अंदर भाप से दबाव बनता है. इसी दबाव को नियंत्रित करने के लिए उसमें सीटी और सुरक्षा वाल्व दिए जाते हैं. अगर इन हिस्सों में कोई खराबी आ जाए या भाप निकलने का रास्ता बंद हो जाए, तो कुकर के अंदर दबाव बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में कुकर फटने और आसपास मौजूद लोगों के घायल होने का खतरा रहता है.
कुकर में सीटी नहीं आए तो सबसे पहले करें यह काम
अगर कुकर गैस पर रखा है और काफी देर बाद भी सीटी नहीं आ रही है, तो सबसे पहले गैस बंद कर दें. इसके बाद कुकर को अपनी जगह पर ही ठंडा होने दें. उसे उठाने, हिलाने या तुरंत खोलने की कोशिश न करें.
ध्यान रखें कि कुकर के अंदर दबाव मौजूद रहने पर ढ़क्कन खोलना बेहद खतरनाक हो सकता है. इसलिए जब तक कुकर पूरी तरह ठंडा न हो जाए और अंदर का दबाव खत्म न हो जाए, तब तक उसे खोलने की कोशिश बिल्कुल न करें. ढ़क्कन को जबरदस्ती खोलना भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है.
इन वजहों से नहीं आती प्रेशर कुकर में सीटी
कुकर में सीटी नहीं आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम वजह भाप निकलने वाली नली में गंदगी या खाने के कण फंसना है. इससे भाप बाहर नहीं निकल पाती और कुकर सामान्य तरीके से काम नहीं करता.
इसके अलावा ढ़क्कन में लगी रबर पुरानी या ढ़ीली होने पर भाप किनारों से बाहर निकल सकती है. कई बार सीटी वाला वाल्व ठीक से नहीं लगा होता या उसमें खराबी आ जाती है. कुकर में पर्याप्त पानी नहीं होने और खाना जरूरत से ज्यादा भर देने से भी परेशानी हो सकती है.
कुकर फटने का खतरा कब बढ़ जाता है?
प्रेशर कुकर में कई सुरक्षा व्यवस्थाएं होती हैं, लेकिन उनका सही काम करना जरूरी है. अगर भाप निकलने वाली नली बंद हो जाए और दबाव नियंत्रित करने वाला वाल्व भी काम न करे, तो अंदर दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है.
ऐसी स्थिति में कुकर का सुरक्षा वाल्व काम कर सकता है, लेकिन अगर सुरक्षा व्यवस्था भी खराब हो तो कुकर फटने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार सुरक्षा वाल्व पिघलकर अतिरिक्त दबाव बाहर निकालता है. इसलिए इस हिस्से में खराबी दिखाई देने पर कुकर का इस्तेमाल जारी रखना सही नहीं है.
दोबारा इस्तेमाल करने से पहले जरूर करें ये जांच
कुकर पूरी तरह ठंडा होने और उसका दबाव खत्म होने के बाद ही उसकी जांच करें.
रबर की जांच करें: ढ़क्कन में लगी रबर कटी, फटी या ढ़ीली तो नहीं है. खराब होने पर सही मॉडल की नई रबर लगवाएं.
सीटी और नली देखें: भाप निकलने वाली नली में गंदगी या खाने के कण तो नहीं फंसे हैं. कुकर ठंडा होने के बाद ही निर्माता के निर्देशों के अनुसार सफाई करें.
सुरक्षा वाल्व जांचें: इसमें किसी तरह की खराबी या रिसाव दिखाई दे तो कुकर का इस्तेमाल न करें.
ढ़क्कन पर ध्यान दें: ढ़क्कन ठीक से बंद हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करें. अगर लॉकिंग सिस्टम में परेशानी है तो सर्विस सेंटर से संपर्क करें.
कुकर इस्तेमाल करते समय इन गलतियों से बचें
कुकर में जरूरत से ज्यादा खाना भरना, पर्याप्त पानी न डालना और सीटी आने के बाद भी लगातार तेज आंच पर पकाते रहना सही नहीं है. आमतौर पर कुकर को उसकी कुल क्षमता के दो-तिहाई से ज्यादा नहीं भरना चाहिए. दाल, चावल और झाग बनाने वाले खाद्य पदार्थों के लिए निर्माता के निर्देशों के अनुसार इससे भी कम जगह भरनी पड़ सकती है.
इसके अलावा सीटी या वाल्व में नुकीली चीज डालकर सफाई करने की कोशिश न करें. अगर कुकर बार-बार सीटी देने में परेशानी कर रहा है, तो उसे इस्तेमाल करना बंद कर दें और अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करवाएं.
पुराना कुकर है तो सुरक्षा को न करें नजरअंदाज
अगर कुकर काफी पुराना है, उसकी रबर बार-बार खराब हो रही है या ढ़क्कन और सुरक्षा वाल्व ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो इसे मामूली समस्या समझकर न टालें. जरूरत पड़ने पर कुकर बदलने का फैसला करें. नया कुकर खरीदते समय BIS का मानक चिह्न जरूर देखें.
याद रखें, खाना जल्दी बनाने से ज्यादा जरूरी परिवार की सुरक्षा है. कुकर में सीटी न आने पर गैस बंद करना और खराबी दूर होने तक उसका इस्तेमाल न करना ही समझदारी है.
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