Israel Iran Conflict 2026: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील के बावजूद इजरायल ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई कर दी. रविवार देर रात ईरान द्वारा इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के कुछ ही घंटों बाद इजरायली सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ मिसाइल और हवाई हमले किए. इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में चल रही शांति वार्ताओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्या था पूरा घटनाक्रम?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने रविवार को इजरायल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान की ओर से कहा गया कि यह हमला लेबनान में इजरायली कार्रवाई के जवाब में किया गया. इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने रोक लिया और बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं हुआ.
मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की. राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर जवाबी कार्रवाई टालने का आग्रह किया था, ताकि ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक वार्ताएं प्रभावित न हों.
ट्रंप की अपील के बावजूद इजरायल का पलटवार
ट्रंप की सलाह के बावजूद इजरायल ने सोमवार तड़के ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में कई सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए. इजरायली अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स, सैन्य बुनियादी ढ़ांचे और रणनीतिक सुविधाएं थीं. ईरान के तेहरान, तबरीज और इस्फहान समेत कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें सामने आईं.
इजरायल का कहना है कि किसी भी संप्रभु देश की तरह वह अपने नागरिकों पर हुए मिसाइल हमलों को नजरअंदाज नहीं कर सकता और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा.
अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद उजागर
इस पूरे घटनाक्रम ने वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच रणनीतिक मतभेदों को भी सामने ला दिया है. ट्रंप प्रशासन फिलहाल ईरान के साथ एक नए समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में जुटा है. अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि सैन्य तनाव बढ़ने से कूटनीतिक प्रक्रिया पटरी से उतर सकती है.
ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि नेतन्याहू को अंततः अमेरिका द्वारा तैयार किए जाने वाले किसी भी समझौते को स्वीकार करना होगा. हालांकि इजरायल की ताजा कार्रवाई से संकेत मिला है कि सुरक्षा मामलों में तेल अवीव अपने स्वतंत्र निर्णय लेने को प्राथमिकता दे रहा है.
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो जवाब और अधिक कठोर होगा. ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी ठिकानों को भी संभावित लक्ष्य बताए जाने के संकेत दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है.
ईरान का आरोप है कि इजरायल और अमेरिका क्षेत्रीय समझौतों व युद्धविराम की शर्तों का सम्मान नहीं कर रहे हैं. वहीं इजरायल का कहना है कि ईरान समर्थित समूह लगातार उसकी सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं.
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है. रिपोर्टों के मुताबिक, संघर्ष तेज होने की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है. निवेशकों को डर है कि यदि स्थिति और बिगड़ी तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, विशेषकर रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मार्गों पर.
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे. यदि दोनों पक्ष जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रखते हैं तो संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है. दूसरी ओर, अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है और ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ईरान के साथ वार्ता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है.
तनाव बरकरार, दुनिया की नजर अगले कदम पर
ईरान की मिसाइल कार्रवाई के बाद इजरायल द्वारा किया गया जवाबी हमला इस बात का संकेत है कि मध्य पूर्व में हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं. ट्रंप की शांति अपील को नजरअंदाज करते हुए इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी दबाव को स्वीकार करने के मूड में नहीं है. अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति इस संकट को रोक पाएगी या फिर क्षेत्र एक नए बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है.
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