Lucknow Double Murder Suicide Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 20 अगस्त को हुए डबल मर्डर और सुसाइड मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे परिवार के भीतर चल रहे तनाव की कई परतें सामने आ रही हैं. SBI अधिकारी मानस वाजपेयी पर आरोप है कि उसने पहले अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा को गोमतीनगर स्थित उनके बैंक के बाहर गोली मारी, फिर घर पहुंचकर अपनी बहन तूलिका वाजपेयी की हत्या कर खुदकुशी कर ली. पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह और पहले से की गई किसी साजिश की जांच कर रही है.
बीमार बहन से बेहद जुड़ा था मानस
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मानस अपनी छोटी बहन तूलिका से बेहद जुड़ा हुआ था. माता-पिता की मौत के बाद बहन की जिम्मेदारी काफी हद तक मानस पर आ गई थी. परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, तूलिका की तबीयत खराब रहती थी और वह इलाज करा रही थी. मानस उसे अकेला छोड़ना नहीं चाहता था और बाहर जाने पर भी कई बार उसे अपने साथ ले जाता था.
परिवार के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच विवाद का एक अहम मुद्दा यह भी था कि दिव्या अलग रहना चाहती थीं, जबकि मानस अपनी बहन को परिवार से अलग करने के पक्ष में नहीं था. हालांकि पुलिस अभी यह तय नहीं कर पाई है कि बहन को लेकर विवाद ही इस जघन्य घटना की मुख्य वजह था.
तलाक के विवाद ने बढ़ाई थी दूरी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मानस और दिव्या पिछले साल नवंबर से अलग रह रहे थे. दोनों की शादी 2017 में हुई थी और जनवरी 2026 में दिव्या ने तलाक की अर्जी दाखिल की थी. कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. दिव्या ने कथित तौर पर प्रताड़ना और जान को खतरे की बात कही थी, जबकि मानस ने पत्नी पर उसे छोड़कर चले जाने का आरोप लगाया था. 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में दोनों के तलाक मामले की सुनवाई भी हुई थी. अब पुलिस इस सुनवाई को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है.
1.5 करोड़ रुपए की मांग वाला एंगल भी सामने आया
22 अगस्त की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस 1.5 करोड़ रुपए के वित्तीय सेटलमेंट/एलिमनी की मांग को भी संभावित वजह के तौर पर जांच रही है. यह रकम कथित तौर पर तलाक की कार्यवाही के दौरान सामने आई थी. हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि अभी यह साबित नहीं हुआ है कि यही हत्या का अंतिम या अकेला कारण था. वैवाहिक विवाद और बहन को लेकर पुराने मतभेदों की भी समानांतर जांच चल रही है.
तीन हथियारों और डिजिटल सबूतों पर नजर
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मानस के पास तीन हथियार कहां से आए और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उसकी मदद की थी. बैंक के बाहर लगे CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और मानस के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. मौत से पहले लगाए गए उसके WhatsApp Status को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
फिलहाल पुलिस ने किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है. जांच अभी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सभी साक्ष्यों को जोड़ने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.
यह भी पढ़ें- ‘राजनीति में आना मेरी सबसे बड़ी भूल’, TMC नेता आशीष बनर्जी के सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा?




