Maharashtra Earthquake 2026: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार आ रहे छोटे भूकंपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. 30 जुलाई से 14 अगस्त 2026 के बीच राज्य में कम से कम 29 भूकंपीय झटके दर्ज किए गए. इनमें सबसे ज्यादा 24 झटके नासिक और उसके आसपास के इलाकों में आए, जबकि 4 पालघर और 1 नागपुर में दर्ज किया गया. इनकी तीव्रता 2 से 4.3 के बीच रही और अधिकतर भूकंप जमीन के काफी कम गहराई पर आए.
नासिक में सबसे ज्यादा हलचल, 4.3 तीव्रता का भूकंप सबसे बड़ा
इस अवधि में महाराष्ट्र का सबसे शक्तिशाली भूकंप 8 अगस्त को नासिक में 4.3 तीव्रता का था. इसका केंद्र करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर बताया गया. इसके बाद भी नासिक क्षेत्र में कई छोटे झटके दर्ज होते रहे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के रिकॉर्ड में 13 और 14 अगस्त को भी नासिक क्षेत्र में 3.4, 3.5, 2.8 और 3.2 तीव्रता के कई झटके दर्ज हैं.
11 अगस्त को पालघर के जव्हार इलाके में भी एक घंटे के भीतर 3.4 तीव्रता के दो भूकंप आए थे. हालांकि, इन घटनाओं में किसी जनहानि या बड़े संपत्ति नुकसान की सूचना नहीं मिली.
आखिर क्यों हिल रही है धरती?
विशेषज्ञ इस गतिविधि को ‘Earthquake Swarm’ यानी भूकंपीय झुंड बता रहे हैं. इसका मतलब है कि किसी सीमित इलाके में कम समय के भीतर लगातार छोटे भूकंप आते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि इनमें कोई एक बड़ा मुख्य भूकंप हो.
IIT बॉम्बे के भूकंप विशेषज्ञ प्रोफेसर दीपांकर चौधरी के मुताबिक, मानसून के दौरान नासिक जैसे दक्कन पठार के क्षेत्रों में चट्टानों की दरारों में पानी पहुंचने से दबाव बढ़ सकता है. चट्टानों में मौजूद पानी और बढ़ा हुआ ‘पोर प्रेशर’ छोटे भूकंपीय झटकों को ट्रिगर कर सकता है. इसे हाइड्रो-सीस्मिकिटी से जोड़ा जाता है.
क्या मुंबई पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा?
फिलहाल ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि इन झटकों के कारण मुंबई में जल्द बड़ा भूकंप आने वाला है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गतिविधि पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन इसे बड़े भूकंप की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता. नासिक और पालघर में आए ये भूकंप उथले हैं और उनकी ऊर्जा दूरी के साथ तेजी से कम होती है, इसलिए मौजूदा नासिक गतिविधि का प्रभाव मुंबई तक बड़े स्तर पर पहुंचने की संभावना कम बताई गई है.
फिर भी महाराष्ट्र सरकार ने नासिक और पालघर में भूकंप जोखिम का आकलन कराने की दिशा में कदम उठाया है. ऐसे में, घबराने के बजाय भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, आपदा तैयारी और आधिकारिक भूकंप अपडेट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.
यह भी पढ़ें- कोलंबिया में भूकंप से भारी तबाही, 21 आफ्टरशॉक ने बढ़ाई दहशत; 2000 से ज्यादा लोग लापता




