India Floods 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून इस समय सक्रिय बना हुआ है. 12 अगस्त 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी, पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिमी भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है. कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने का खतरा भी बढ़ा है. हालांकि, पूरे देश के लिए एक समान बाढ़ की स्थिति बताना सही नहीं होगा, क्योंकि नुकसान और खतरा राज्य-दर-राज्य अलग है.
असम में सबसे गंभीर बाढ़ की स्थिति
असम इस समय सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है. 12 अगस्त के अपडेट के अनुसार, राज्य में करीब 1.12 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और सात जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. बाढ़ के पानी से 441 गांव प्रभावित बताए गए हैं. गोलाघाट, शिवसागर, जोरहाट, नगांव, लखीमपुर, दरांग और होजाई जैसे जिलों में पानी का असर देखा जा रहा है.
असम में इस साल बाढ़ से अब तक 102 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है. राज्य में फसलों और बुनियादी ढ़ांचे को भी भारी नुकसान हुआ है. असम सरकार के अनुसार, बाढ़ के बाद पुनर्वास के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत पड़ सकती है.
हिमाचल प्रदेश में बारिश, भूस्खलन से भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने जनजीवन और सड़क संपर्क को बुरी तरह प्रभावित किया है. 11 अगस्त तक राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 259 सड़कें बंद थीं और बारिश, भूस्खलन व अन्य आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में 157 लोगों की मौत हुई है. करीब 900 संपत्तियों और सार्वजनिक ढ़ांचों को नुकसान पहुंचा है और नुकसान का अनुमान लगभग 886 करोड़ रुपये लगाया गया है.
पहाड़ी इलाकों में सबसे बड़ी चिंता अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन की है. ऐसे में, प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में आवाजाही को लेकर लगातार सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के 12 अगस्त के बुलेटिन के अनुसार, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में 12 और 13 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है. ओडिशा में 12 से 16 अगस्त और गंगीय पश्चिम बंगाल में 12 से 15 अगस्त के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी हिस्सों और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
झारखंड और बिहार पर भी बारिश का असर
झारखंड में 12 से 17 अगस्त के बीच कई इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान है. 12 अगस्त को राज्य में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां तेज रहने की चेतावनी दी गई है. वहीं बिहार में 14 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
इसका मतलब यह है कि बिहार में फिलहाल हर इलाके को बाढ़ग्रस्त बताना सही नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है.
गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य भारत में भी बारिश का दौर
मध्य और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है. IMD ने मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और कोंकण-गोवा के लिए अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
कुल नुकसान का एक आंकड़ा अभी सामने नहीं
12 अगस्त 2026 तक देशभर में मानसूनी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का एकीकृत राष्ट्रीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. इसलिए अलग-अलग राज्यों के नुकसान को जोड़कर कोई एक निश्चित राष्ट्रीय राशि बताना भ्रामक होगा. फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में असम और हिमाचल प्रदेश में नुकसान काफी स्पष्ट रूप से सामने आया है, जबकि कई अन्य राज्यों में स्थिति लगातार बदल रही है.
IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है. ऐसे में, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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