NASA Moon Mission 2028: अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने आने वाले समय के लिए एक नई योजना बनाई है. इसका सबसे बड़ा लक्ष्य है कि साल 2028 तक इंसानों को फिर से चंद्रमा पर भेजा जाए. इसके साथ ही वहां एक स्थायी बेस (आधार) बनाने की भी तैयारी है, ताकि लंबे समय तक इंसान वहां रह सकें.
क्या है नासा का पूरा प्लान?
नासा के प्रमुख (एडमिनिस्ट्रेटर) Jared Isaacman के मुताबिक, एजेंसी सिर्फ चंद्रमा तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहना चाहती. योजना यह है कि चंद्रमा पर रहने के लिए जरूरी सुविधाएं जैसे लैंडर, रोवर, बिजली और संचार सिस्टम तैयार किए जाएं. इसमें सरकार के साथ-साथ निजी कंपनियां भी मिलकर काम करेंगी.
अंतरिक्ष में बढ़ेगा प्राइवेट सेक्टर
इस योजना का एक और अहम हिस्सा है लो-अर्थ ऑर्बिट (पृथ्वी के पास वाले अंतरिक्ष क्षेत्र) में कमर्शियल गतिविधियों को बढ़ाना. यानी अब प्राइवेट कंपनियों को स्पेस स्टेशन बनाने और अंतरिक्ष मिशनों में ज्यादा मौके मिलेंगे. इससे स्पेस इंडस्ट्री में नए बिजनेस और कमाई के रास्ते खुलेंगे.
खर्च कम, काम ज्यादा
नासा अब अपने काम करने के तरीके में बदलाव कर रहा है. पहले बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स होते थे, जिनमें देरी और ज्यादा खर्च की समस्या आती थी. अब एजेंसी छोटे, सटीक और जल्दी परिणाम देने वाले प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रही है. उनका मानना है कि कम खर्च में बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकते हैं.
आर्टेमिस मिशन की सफलता
हाल ही में Artemis II Mission के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर घुमाकर सुरक्षित वापस लाया गया. इस मिशन ने दिखाया कि सही योजना और तैयारी से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.
निजी कंपनियों पर बढ़ेगी निर्भरता
नई रणनीति के तहत नासा सैटेलाइट लॉन्च और पृथ्वी की निगरानी जैसे कामों के लिए निजी कंपनियों पर ज्यादा भरोसा करेगा. वहीं, खुद एजेंसी गहरे अंतरिक्ष (डीप स्पेस) और जटिल तकनीकों जैसे न्यूक्लियर प्रोपल्शन पर फोकस करेगी.
बजट को लेकर चिंता
हालांकि, इस योजना को लेकर कुछ लोगों ने चिंता जताई है. स्पेस कमिटी के चेयरमैन Brian Babin का कहना है कि बजट में करीब 23% की कटौती से नासा के लक्ष्यों पर असर पड़ सकता है. वहीं रैंकिंग मेंबर Zoe Lofgren ने कहा कि इससे विज्ञान और रिसर्च के कई प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं.
भविष्य का नया अध्याय
कुल मिलाकर, नासा की यह नई रणनीति भविष्य की अंतरिक्ष दौड़ में अमेरिका को आगे बनाए रखने की कोशिश है. Artemis Program के जरिए 1972 के बाद पहली बार इंसानों को फिर से चंद्रमा पर भेजने की तैयारी हो रही है. अगर यह योजना सफल होती है, तो अंतरिक्ष में इंसानों की मौजूदगी का एक नया दौर शुरू हो सकता है.
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