PM Modi 5 Nation Tour 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 5 देशों की विदेश यात्रा अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है. 15 मई से शुरू हुई इस यात्रा में पीएम मोदी अब तक UAE, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं, जबकि आज 18 मई को वह नॉर्वे पहुंचे हैं. इस दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, AI, सेमीकंडक्टर और भारत-यूरोप व्यापार समझौते पर कई बड़े फैसले हुए हैं.
UAE में ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा समझौता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से की थी. अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उनकी बैठक में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अहम समझौते हुए. भारत और UAE के बीच LNG और LPG सप्लाई बढ़ाने, तेल भंडारण सहयोग और निवेश विस्तार पर सहमति बनी.
सूत्रों के मुताबिक, UAE ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सेक्टर में अरबों डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता भी जताई है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच यह समझौता भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है.
नीदरलैंड के साथ 17 बड़े समझौते
UAE के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंचे, जहां भारत और नीदरलैंड ने संबंधों को “Strategic Partnership” का दर्जा दिया. दोनों देशों के बीच रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, जल प्रबंधन, सेमीकंडक्टर और समुद्री सहयोग समेत 17 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.
गुजरात के कल्पसर प्रोजेक्ट को मिला बड़ा समर्थन
नीदरलैंड यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने वहां के प्रसिद्ध अफस्लुइटडिज्क जल प्रबंधन सिस्टम का निरीक्षण किया. इसके बाद गुजरात के महत्वाकांक्षी कल्पसर प्रोजेक्ट को लेकर दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. माना जा रहा है कि डच तकनीक भारत के जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण सिस्टम को मजबूत कर सकती है.
ग्रीन एंड डिजिटल सी कॉरिडोर पर फोकस
भारत और नीदरलैंड ने “Green and Digital Sea Corridor” विकसित करने पर भी जोर दिया. इसके तहत स्मार्ट पोर्ट, ग्रीन शिपिंग, सप्लाई चेन और डिजिटल समुद्री नेटवर्क पर संयुक्त रोडमैप तैयार किया जाएगा.
स्वीडन में AI, रक्षा और टेक्नोलॉजी पर नई साझेदारी
17 मई की रात पीएम मोदी स्वीडन पहुंचे, जहां उनका स्वागत प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने किया. स्वीडन में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई रणनीतिक साझेदारी में बदलने की घोषणा की. इसके लिए 2026-2030 का संयुक्त एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है.
AI और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर बड़ा सहयोग
भारत और स्वीडन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. दोनों देशों ने सप्लाई चेन मजबूत करने और ग्रीन ट्रांजिशन पर संयुक्त निवेश बढ़ाने का फैसला किया.
रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग सहयोग
स्वीडन की रक्षा कंपनियों और भारतीय उद्योगों के बीच रक्षा निर्माण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर चर्चा हुई. माना जा रहा है कि आने वाले समय में रक्षा उपकरण निर्माण में दोनों देशों के बीच साझेदारी और मजबूत हो सकती है.
पीएम मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान
स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को “Royal Order of Polar Star” सम्मान से सम्मानित किया गया. यह किसी विदेशी सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला स्वीडन का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है. यह पीएम मोदी का 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है.
यूरोप के साथ FTA पर तेज हुई बातचीत
स्वीडन में आयोजित European Round Table for Industry कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारत-यूरोप संबंधों को “नए मोड़” पर बताया. उन्होंने भारत-EU Free Trade Agreement को “Mother of All Deals” कहा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोप वैश्विक अस्थिरता के दौर में स्थिरता के मजबूत स्तंभ बन सकते हैं. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी उनकी अहम बैठक हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर चर्चा हुई.
आज नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी, भारत-नॉर्डिक सहयोग पर बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 18 मई 2026 को अपने 5 देशों के दौरे के चौथे चरण में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. एयरपोर्ट पर नॉर्वे के अधिकारियों और भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया. यह पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक नॉर्वे यात्रा मानी जा रही है. ओस्लो पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे से मुलाकात की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग, आर्कटिक सहयोग और समुद्री तकनीक पर चर्चा हुई.
दोनों देशों ने लंबी अवधि के LPG सप्लाई सहयोग और नवीकरणीय ऊर्जा निवेश को बढ़ाने पर भी सहमति जताई. इसके अलावा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI, क्लाइमेट इनोवेशन और सप्लाई चेन मजबूत करने पर बातचीत की. सूत्रों के मुताबिक, भारत ने नॉर्वे के विशाल सॉवरेन वेल्थ फंड से इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा है. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों की साझेदारी आने वाले समय में ग्रीन ग्रोथ और नई टेक्नोलॉजी की दिशा तय कर सकती है.
इटली दौरे पर भी टिकी नजर
दौरे के अंतिम चरण में पीएम मोदी इटली जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से होगी. दोनों देशों के बीच रक्षा, क्लीन एनर्जी, विज्ञान और निवेश सहयोग पर अहम चर्चा हो सकती है.
वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत होती स्थिति
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पीएम मोदी का यह 5 देशों का दौरा सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने की बड़ी कोशिश है. ऊर्जा संकट, वैश्विक युद्ध जैसे हालात और सप्लाई चेन चुनौतियों के बीच भारत यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ अपने रिश्तों को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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