AAP 7 MPs Join BJP: देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय का ऐलान कर दिया है. उनके साथ 6 अन्य सांसदों के भी बीजेपी में शामिल होने की खबर है, जिससे AAP को बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राघव चड्ढा के साथ जिन प्रमुख सांसदों का नाम सामने आया है, उनमें स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया बड़ा ऐलान
राघव चड्ढा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वह आम आदमी पार्टी से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसद उनके साथ हैं और सामूहिक रूप से बीजेपी में विलय कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को हमने खड़ा किया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है. इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है.
7 सांसदों ने किया समर्थन
रिपोर्ट्स के अनुसार, राघव चड्ढा समेत कुल 7 सांसदों ने इस फैसले का समर्थन किया है. इनमें राज्यसभा के कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इन सांसदों ने आधिकारिक रूप से पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
पीएम मोदी के नेतृत्व पर जताया भरोसा
राघव चड्ढा ने अपने फैसले के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को प्रमुख कारण बताया. उन्होंने कहा कि देश में विकास और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है और बीजेपी इस दिशा में बेहतर काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि वह अब देशहित में काम करने के लिए नई शुरुआत कर रहे हैं.
AAP को बड़ा राजनीतिक झटका
इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. खासकर दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में पार्टी की स्थिति पर इसका असर पड़ सकता है. पार्टी के अंदर पहले से चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है.
संसद में बदल सकता है समीकरण
राज्यसभा में AAP के सांसदों की संख्या में कमी आने से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं. बीजेपी को इससे अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिल सकती है, जबकि विपक्षी एकजुटता पर भी असर पड़ने की संभावना है.
आगे क्या?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि बाकी AAP नेता इस पर क्या रुख अपनाते हैं और पार्टी इस संकट से कैसे उबरती है. वहीं बीजेपी के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है.
राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों का बीजेपी में विलय भारतीय राजनीति में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. आने वाले दिनों में इसका असर संसद से लेकर राज्यों की राजनीति तक देखने को मिल सकता है.
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