Heatwave Alert India: देशभर में गर्मी ने अब विकराल रूप ले लिया है. मई 2026 के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक सूरज आग उगल रहा है. कई शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हीटवेव ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में Severe Heatwave Alert जारी किया है और लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है.
यूपी और राजस्थान बने सबसे गर्म इलाके
IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बांदा इलाके में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है. वहीं राजस्थान के कई शहरों में भी पारा 47 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया. तेज गर्म हवाओं और सूखी लू ने हालात और खतरनाक बना दिए हैं. सड़कें दोपहर में लगभग खाली दिखाई दे रही हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं.
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का रेड अलर्ट जैसा माहौल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक Heatwave to Severe Heatwave Conditions बने रहने की चेतावनी दी है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में गर्म हवाएं दिनभर चल रही हैं. रात में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही.
विदर्भ और मध्य भारत में भी हालात गंभीर
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है. अमरावती, वर्धा और नागपुर जैसे शहर देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गए हैं. नागपुर में इस सीजन का सबसे ज्यादा 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि अमरावती 46.8 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने विदर्भ के कई जिलों में Orange Alert जारी किया है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिख रही हैं. कई शहरों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके.
अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज
भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में Heat Stroke, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. लगातार बढ़ते तापमान की वजह से बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे कई राज्यों में लोकल पावर कट की समस्या सामने आ रही है.
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
IMD ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी है. साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सीधे धूप में लंबे समय तक रहने से बचने को कहा गया है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 5 दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है. हालांकि कुछ राज्यों में हल्की आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे सीमित राहत मिल सकती है.
जल संकट और सूखे जैसे हालात
भीषण गर्मी के कारण कई शहरों और गांवों में पानी की समस्या भी गहराने लगी है. तालाब और छोटे जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में पानी के टैंकरों की मांग बढ़ गई है. किसान भी फसलों पर गर्मी के असर को लेकर चिंतित हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम पैटर्न आने वाले समय में और बड़ी चुनौती बन सकते हैं. देशभर में फिलहाल लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उससे पहले मई की यह झुलसा देने वाली गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है.
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