Amit Shah Viral Post Fact Check: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक तस्वीर और संदेश तेजी से वायरल हो रहा है. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है, “भारी बड़ा संकट आने वाला है, हो सके तो एक समय का भोजन छोड़ दें.” वायरल पोस्ट को कई यूजर्स सच मानकर शेयर कर रहे हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया है. लेकिन जब इस दावे की पड़ताल की गई तो यह पूरी तरह फर्जी निकला.
PIB Fact Check ने बताया- दावा पूरी तरह गलत
सरकारी फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने वायरल पोस्ट को लेकर स्पष्ट किया है कि गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. एजेंसी ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावे को “फेक” बताते हुए लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि किसी भी पोस्ट को आगे शेयर न करें.
PIB की ओर से कहा गया कि सोशल मीडिया पर एक एडिटेड पोस्ट और भ्रामक टेक्स्ट के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है. गृह मंत्री की ओर से देश में किसी बड़े संकट या भोजन छोड़ने जैसी कोई अपील नहीं की गई है.
🚨सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री @AmitShah ने कहा है कि “भारी संकट आने वाला है, हो सके तो एक टाइम का खाना छोड़ दीजिए”।#PIBFactCheck:
❌यह दावा #फर्जी है
✅ केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है
⚠️ सत्यापित… pic.twitter.com/6awVvsKaOa
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 18, 2026
पश्चिम एशिया तनाव के बाद बढ़ीं अफवाहें
दरअसल हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल सप्लाई को लेकर चर्चा के बीच सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. इसी माहौल का फायदा उठाकर कुछ यूजर्स ने अमित शाह के नाम से यह फर्जी संदेश वायरल कर दिया. हालांकि सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है.
फैक्ट चेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर और टेक्स्ट को इस तरह पेश किया गया कि वह किसी न्यूज चैनल या सरकारी संदेश जैसा लगे. यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इसे सच मान बैठे.
सोशल मीडिया पर बढ़ रहे फेक पोस्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में AI और एडिटिंग टूल्स की मदद से फर्जी तस्वीरें और बयान तैयार करना बेहद आसान हो गया है. चुनावी माहौल, अंतरराष्ट्रीय तनाव और बड़े राजनीतिक मुद्दों के दौरान इस तरह की गलत सूचनाएं तेजी से फैलती हैं. हाल के महीनों में कई नेताओं और सरकारी योजनाओं को लेकर भी इसी तरह के फर्जी दावे वायरल हुए, जिन्हें बाद में फैक्ट चेक एजेंसियों ने गलत साबित किया.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
फैक्ट चेक एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल पोस्ट पर तुरंत भरोसा न करें. अगर कोई संदेश डर, संकट या सरकारी आदेश से जुड़ा हो तो पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अमित शाह वाली पोस्ट पूरी तरह भ्रामक और फर्जी है. ऐसे में, यूजर्स को सलाह दी जा रही है कि बिना जांच-पड़ताल किसी भी जानकारी को आगे फॉरवर्ड न करें, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके.
यह भी पढ़ें- आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुराना आदेश रहेगा लागू




