Fake PMMY Loan Offer: आज के डिजिटल दौर में साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कभी सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई जाती है तो कभी सरकारी योजनाओं का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठे जाते हैं. अब ठगों ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) को अपना नया हथियार बना लिया है. सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक कथित “लोन अप्रूवल लेटर” तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केवल 6,550 रुपये की प्रोसेसिंग फीस जमा करके 10 लाख रुपये का लोन प्राप्त किया जा सकता है. लेकिन इस दावे की सच्चाई कुछ और ही है.
PIB ने जारी किया स्कैम अलर्ट
सरकार की फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB Fact Check ने इस वायरल लेटर को पूरी तरह फर्जी घोषित किया है. PIB ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत किसी भी व्यक्ति को लोन स्वीकृत कराने के लिए पहले से कोई प्रोसेसिंग फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होती. वायरल लेटर में दिखाई गई जानकारी और भुगतान की मांग धोखाधड़ी का हिस्सा है. PIB ने लोगों से अपील की है कि ऐसे संदेशों, ई-मेल या व्हाट्सऐप फॉरवर्ड पर भरोसा न करें और किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें.
आखिर कैसे काम करता है यह फ्रॉड?
साइबर अपराधी आमतौर पर सरकारी योजनाओं के नाम पर आकर्षक ऑफर तैयार करते हैं. इस मामले में भी लोगों को एक आधिकारिक दिखने वाला पत्र भेजा जा रहा है, जिसमें बताया जाता है कि उनका 10 लाख रुपये का लोन मंजूर हो गया है. इसके बाद लोन जारी करने के नाम पर 6,550 रुपये की फीस जमा करने को कहा जाता है.
जैसे ही व्यक्ति यह रकम जमा करता है, ठग उससे संपर्क तोड़ देते हैं या फिर किसी नए शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने लगते हैं. इस तरह लोग छोटी राशि के लालच में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं.
मुद्रा योजना को लेकर क्या है सच्चाई?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत छोटे कारोबारियों, स्वरोजगार करने वालों और सूक्ष्म उद्यमों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए की गई थी. लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि MUDRA स्वयं सीधे लोगों को लोन नहीं देती.
🚨 SCAM ALERT!
A #fake loan approval letter is circulating , claiming to grant a loan amount worth ₹10 Lakhs under the Pradhan Mantri Mudra Yojana on payment of a processing fee of ₹6,550.#PIBFactCheck:
❌ The letter is FAKE.
✅ MUDRA does not provide direct loans to… pic.twitter.com/RC5am83RLG
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 21, 2026
PIB के अनुसार, MUDRA एक री-फाइनेंसिंग संस्था है, जो बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सूक्ष्म वित्त संस्थानों और अन्य वित्तीय संस्थाओं को सहायता प्रदान करती है. वास्तविक लोन इन्हीं अधिकृत संस्थानों के माध्यम से दिया जाता है. इसलिए यदि कोई व्यक्ति या संस्था सीधे मुद्रा योजना के नाम पर पैसे मांग रही है, तो सावधान हो जाना चाहिए.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे कई मामले
यह पहला मौका नहीं है जब मुद्रा योजना के नाम पर फर्जी लोन ऑफर सामने आया हो. पिछले कुछ महीनों में PIB कई बार ऐसे नकली अप्रूवल लेटरों का पर्दाफाश कर चुका है. कहीं 5 लाख रुपये के लोन के लिए 350 रुपये मांगे गए, तो कहीं 7 लाख रुपये के लोन के बदले 860 रुपये की “एग्रीमेंट फीस” जमा करने को कहा गया. कुछ मामलों में 3 लाख रुपये के लोन के लिए 36,500 रुपये तक की कथित बीमा राशि मांगी गई थी. PIB ने इन सभी दावों को फर्जी करार दिया था. इससे साफ है कि साइबर ठग लगातार नई रकम और नए बहाने गढ़कर लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं.
असली और नकली ऑफर में कैसे करें फर्क?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी सरकारी योजना के नाम पर आपको पहले पैसे जमा करने के लिए कहा जाए, तो सतर्क हो जाना चाहिए. किसी भी सरकारी बैंक या अधिकृत वित्तीय संस्था द्वारा लोन प्रक्रिया के दौरान आधिकारिक दस्तावेज, सत्यापन और बैंकिंग नियमों का पालन किया जाता है.
इसके अलावा निम्न संकेत भी धोखाधड़ी की ओर इशारा कर सकते हैं-
बिना आवेदन किए लोन स्वीकृत होने का दावा.
व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए अप्रूवल लेटर भेजना.
जल्द भुगतान करने का दबाव बनाना.
निजी खाते या यूपीआई आईडी में पैसे जमा कराने की मांग.
सरकारी लोगो और हस्ताक्षर वाले संदिग्ध दस्तावेज.
ऐसे मामलों में तुरंत संबंधित बैंक या सरकारी पोर्टल से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए.
यदि स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति ने गलती से ऐसी फर्जी योजना में पैसे जमा कर दिए हैं, तो उसे तुरंत अपने बैंक को सूचित करना चाहिए और साइबर अपराध पोर्टल या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए. समय रहते शिकायत करने पर धनराशि को ट्रैक करने और नुकसान कम करने की संभावना बढ़ जाती है.
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
सरकारी योजनाओं के नाम पर फैल रहे फर्जी लोन ऑफर इस बात का संकेत हैं कि साइबर अपराधी लोगों की जरूरतों और उम्मीदों का फायदा उठा रहे हैं. 6,550 रुपये देकर 10 लाख रुपये का लोन मिलने का दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है. PIB ने साफ कर दिया है कि वायरल पत्र फर्जी है और मुद्रा योजना के तहत सीधे लोन नहीं दिया जाता. इसलिए किसी भी आकर्षक ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से जांच अवश्य करें. थोड़ी सी सतर्कता आपको आर्थिक नुकसान और साइबर ठगी दोनों से बचा सकती है.
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