PM Modi Italy Visit 2026: भारत और इटली के रिश्ते अब केवल कूटनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रह गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक संयुक्त लेख और रणनीतिक विजन के जरिए साफ संकेत दिया है कि दोनों देश आने वाले वर्षों में तकनीक, रक्षा, स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार के क्षेत्र में नई साझेदारी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. 20 मई 2026 को पीएम मोदी की इटली यात्रा के दौरान यह साझेदारी वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गई.
2029 तक 20 बिलियन यूरो व्यापार का लक्ष्य
भारत और इटली ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन यूरो तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य तय किया है. मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 14-15 बिलियन यूरो के आसपास है. नई रणनीतिक योजना के तहत दोनों देश निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी और हाई-टेक सेक्टर में सहयोग बढ़ाएंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिशों के बीच इटली भारत को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है.
सुपरकंप्यूटर और AI पर खास फोकस
संयुक्त लेख और वार्ता में सुपरकंप्यूटर, AI और सेमीकंडक्टर तकनीक को भविष्य की साझेदारी का मुख्य आधार बताया गया. दोनों देशों ने रिसर्च और इनोवेशन के लिए संयुक्त प्लेटफॉर्म तैयार करने पर सहमति जताई है. भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इटली की एडवांस इंजीनियरिंग क्षमता को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है.
इटली ने भारत में हुए AI Impact Summit 2026 को भी समर्थन दिया है. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में AI आधारित सुरक्षा, हेल्थ और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी पर दोनों देशों का फोकस बढ़ेगा.
रक्षा और स्पेस सेक्टर में नई साझेदारी
भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग अब नई दिशा में बढ़ रहा है. संयुक्त रणनीतिक एक्शन प्लान 2025-2029 में सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी में सहयोग को प्राथमिकता दी गई है.
सूत्रों के अनुसार, दोनों देश सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में साझा परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं. इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्थिरता पर भी चर्चा हुई है.
IMEC कॉरिडोर बनेगा गेमचेंजर
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर यानी IMEC को दोनों देशों ने भविष्य की आर्थिक रीढ़ बताया है. यह परियोजना भारत को यूरोप से तेज और आधुनिक व्यापारिक नेटवर्क के जरिए जोड़ेगी. पीएम मोदी और मेलोनी ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि IMEC परियोजना तेजी से आगे बढ़ती है तो भारत की निर्यात क्षमता और यूरोप तक पहुंच दोनों मजबूत होंगी. इससे भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
शिक्षा, रिसर्च और स्टार्टअप्स पर भी जोर
दोनों देशों ने शिक्षा, रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ने की योजना भी बनाई है. भारतीय टेक स्टार्टअप्स को इटली के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने पर चर्चा हुई. साथ ही यूनिवर्सिटी सहयोग, स्किल डेवलपमेंट और छात्र एक्सचेंज कार्यक्रमों को भी विस्तार देने पर सहमति बनी. यह कदम भारत के युवा इनोवेटर्स और टेक कंपनियों के लिए यूरोपीय बाजार के नए दरवाजे खोल सकता है.
मेलोडी कैमिस्ट्री फिर चर्चा में
पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की दोस्ताना कैमिस्ट्री एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी. रोम पहुंचने पर मेलोनी ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेताओं की तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं. सोशल मीडिया पर इसे फिर “Melodi Moment” कहा जा रहा है. हालांकि इस बार दोनों नेताओं की मुलाकात सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं रही, बल्कि इसके पीछे ठोस आर्थिक और रणनीतिक एजेंडा भी साफ दिखाई दिया.
भारत-यूरोप रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
विश्लेषकों के मुताबिक, भारत और इटली की यह नई साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है. इसका असर भारत-यूरोप संबंधों, सप्लाई चेन, रक्षा उद्योग और वैश्विक तकनीकी सहयोग पर भी पड़ सकता है. इटली ने भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी समर्थन जताया है.
ऐसे समय में जब दुनिया नई भू-राजनीतिक चुनौतियों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा से गुजर रही है, भारत और इटली का यह गठबंधन आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति और व्यापार की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है.
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