CBSE Re-evaluation Portal Cyber Attack: सीबीएसई के कक्षा 12 री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल को लेकर 2 जून 2026 को बड़ा खुलासा सामने आया है. बोर्ड ने बताया कि पोर्टल के लाइव होते ही उस पर महज दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज हुईं. शुरुआती जांच में इसे सामान्य ट्रैफिक नहीं, बल्कि एक संगठित साइबर हमले की कोशिश माना जा रहा है. इसके साथ ही एक लाख से अधिक अनधिकृत एक्सेस (Unauthorized Access) प्रयास भी दर्ज किए गए. हालांकि राहत की बात यह रही कि पोर्टल पूरी तरह ठप नहीं हुआ और हजारों छात्र आवेदन करने में सफल रहे.
क्या है पूरा मामला?
CBSE ने 2 जून से कक्षा 12 के छात्रों के लिए उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, अंकों के सत्यापन और री-इवैल्युएशन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की थी. यह पोर्टल पहले से ही छात्रों के बीच चर्चा में था, क्योंकि पिछले कुछ सप्ताहों से मूल्यांकन प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं को लेकर विवाद चल रहे थे. जैसे ही पोर्टल खुला, उस पर असामान्य स्तर का ट्रैफिक आने लगा. बोर्ड के अनुसार, शुरुआती दो मिनट में लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज की गईं, जो सामान्य उपयोगकर्ताओं की संख्या से कहीं अधिक थीं.
1 लाख से अधिक अनधिकृत एक्सेस की कोशिश
CBSE अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल पर 1 लाख से ज्यादा बार अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने की कोशिश की गई. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) या उससे मिलते-जुलते हमले का प्रयास हो सकता है, जिसमें किसी वेबसाइट पर अचानक भारी ट्रैफिक भेजकर उसे धीमा या बंद करने की कोशिश की जाती है.
Update from our Cybersecurity Teams:
The CBSE revaluation portal is currently supporting over 8,000 concurrent users. As of 3:00 PM today, more than 16,000 students have successfully completed their submissions.
While thousands of students accessed the CBSE re-evaluation portal…
— CBSE HQ (@cbseindia29) June 2, 2026
बोर्ड ने कहा कि सुरक्षा प्रणालियों ने इन संदिग्ध गतिविधियों को पहचान लिया और समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए. इससे छात्रों के डेटा और आवेदन प्रक्रिया को सुरक्षित रखा जा सका.
क्या पोर्टल हैक हो गया था?
अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पोर्टल हैक होने या छात्रों के डेटा के लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है. CBSE ने स्पष्ट किया है कि यह साइबर हमले की कोशिश थी, लेकिन हमलावर सिस्टम में कोई बड़ी सेंध लगाने में सफल नहीं हुए. बोर्ड का दावा है कि उसकी सुरक्षा व्यवस्था ने हमले को विफल कर दिया और पोर्टल काम करता रहा.
इससे पहले भी CBSE को कथित OSM (On Screen Marking) सिस्टम हैक होने के दावों का सामना करना पड़ा था, जिसे बोर्ड ने खारिज करते हुए कहा था कि वास्तविक मूल्यांकन प्रणाली सुरक्षित है और वायरल हुआ पोर्टल केवल टेस्टिंग प्लेटफॉर्म था.
CBSE अध्यक्ष और सचिव का तबादला
2 जून 2026 को ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित तकनीकी गड़बड़ियों और अनियमितताओं के विवाद के बीच सरकार ने CBSE अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया है. इस फैसले को बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
16 हजार छात्रों ने किया सफल आवेदन
साइबर हमले के बावजूद पोर्टल पूरी तरह बंद नहीं हुआ. शुरुआती घंटों में लगभग 16,000 छात्रों ने सफलतापूर्वक अपने आवेदन जमा किए. इससे संकेत मिलता है कि सुरक्षा उपायों और सर्वर क्षमता ने भारी दबाव के बावजूद सिस्टम को चालू रखा.
हालांकि कई छात्रों ने धीमी गति, लॉगिन में परेशानी और वेबसाइट तक पहुंचने में दिक्कतों की शिकायत भी की. पिछले कुछ दिनों से पोर्टल के लॉन्च में हुई देरी को भी साइबर सुरक्षा मजबूत करने की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है.
इससे पहले भी सामने आई थीं तकनीकी गड़बड़ियां
यह पहली बार नहीं है जब CBSE की पोस्ट-रिजल्ट प्रणाली चर्चा में आई हो. मई के अंत में री-इवैल्युएशन पोर्टल के पेमेंट सिस्टम पर कथित “मैलिशियस अटैक” की खबरें सामने आई थीं. सरकारी सूत्रों के अनुसार, उस घटना में लगभग 50 छात्र प्रभावित हुए थे और कुछ मामलों में फीस की राशि असामान्य रूप से 1 रुपये से लेकर 67-68 हजार रुपये तक दिखाई देने लगी थी. इसके बाद पोर्टल को अस्थायी रूप से स्थगित कर सुरक्षा सुधार किए गए थे.
लाखों छात्रों की निगाहें पोर्टल पर
इस वर्ष CBSE की नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे. उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी, अंक सत्यापन और री-इवैल्युएशन प्रक्रिया में देरी के कारण लाखों छात्र पोर्टल शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, चार लाख से अधिक छात्र इस प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं.
ऐसे में, पोर्टल पर साइबर हमले की खबर ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि बोर्ड का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया जारी रहेगी और योग्य छात्रों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.
आगे क्या?
CBSE ने संकेत दिया है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार पोर्टल की निगरानी कर रहे हैं. यदि जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त सुरक्षा परतें और सर्वर क्षमता बढ़ाई जा सकती है. बोर्ड का मुख्य लक्ष्य री-इवैल्युएशन प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना और छात्रों को सुरक्षित डिजिटल सेवा उपलब्ध कराना है.
साइबर हमले ने बढ़ाई डिजिटल सुरक्षा की चिंता
2 जून 2026 को CBSE री-इवैल्युएशन पोर्टल पर हुआ साइबर हमला भारत की शैक्षणिक डिजिटल प्रणालियों के सामने बढ़ते साइबर खतरों की गंभीर याद दिलाता है. 15 लाख हिट्स, एक लाख से ज्यादा अनधिकृत एक्सेस प्रयास और पहले सामने आ चुकी तकनीकी गड़बड़ियों के बावजूद CBSE ने दावा किया है कि पोर्टल सुरक्षित है और छात्रों का डेटा संरक्षित है.
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बोर्ड अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को कितना और मजबूत कर पाता है व लाखों छात्रों की री-इवैल्युएशन प्रक्रिया कितनी सुचारु रूप से पूरी होती है.
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