Anti Paper Leak Bill 2026: सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाया गया पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 गुरुवार (30 जुलाई 2026) को राज्यसभा से भी पारित हो गया. इससे एक दिन पहले यह विधेयक लोकसभा से मंजूर हुआ था. अब संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद यह संशोधित कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा.
क्या है संशोधन विधेयक का उद्देश्य?
केंद्र सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है. इसी को देखते हुए मौजूदा पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और अधिक सख्त बनाने के लिए यह संशोधन लाया गया है. सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से संगठित पेपर लीक गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी.
बिल में क्या हैं प्रमुख बदलाव?
संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक, प्रश्नपत्रों की अवैध खरीद-फरोख्त, डिजिटल माध्यम से परीक्षा में धोखाधड़ी और संगठित परीक्षा अपराधों के खिलाफ सजा को और कड़ा किया गया है. दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल और 50 लाख से 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. साथ ही जांच और मुकदमों के शीघ्र निपटारे पर भी जोर दिया गया है.
राज्यसभा में सरकार और विपक्ष आमने-सामने
राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को हाल के पेपर लीक मामलों को लेकर घेरा. विपक्ष का कहना था कि केवल कानून कड़ा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है. वहीं सरकार ने कहा कि यह संशोधन युवाओं के हित में है और इससे परीक्षा माफियाओं के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई संभव होगी.
राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद होगा लागू
दोनों सदनों से विधेयक पारित होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की मंजूरी और राजपत्र में अधिसूचना के बाद संशोधित कानून लागू हो जाएगा. इसके बाद केंद्र और संबंधित एजेंसियां नए प्रावधानों के अनुरूप नियमों को लागू करेंगी. सरकार का मानना है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी और ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी.
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