Flydubai Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में जानलेवा स्थिति के बीच अदम्य साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की देश-विदेश में चर्चा हो रही है. 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग करानी पड़ी. विमान में सवार 174 लोग सुरक्षित बच गए. घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित को अब इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया है और भारतीय अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और वह अच्छी तरह रिकवर कर रहे हैं.
कॉकपिट में हमले के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने स्थिति का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. घटना की परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं.
PM मोदी ने बताया ‘हीरो’, कहा- भारत को गर्व है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर को कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की. उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प दिखाया. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी वीरता ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की.
UPSC के शताब्दी समारोह में भी प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के साहस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी से मुकाबला करके स्मित ने 9/11 जैसे एक और हमले को होने से रोका. यह प्रधानमंत्री का आकलन है, विमान घटना की जांच अभी जारी है.
अशोक चक्र देने की सोशल मीडिया पर उठी मांग
कैप्टन स्मित की बहादुरी के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग की है. हालांकि, 2 अक्टूबर 2026 तक ऐसी किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए फिलहाल इसे सोशल मीडिया और सार्वजनिक हलकों में उठी मांग के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
गुजरात सरकार देगी विशेष सम्मान
इस बीच, गुजरात सरकार ने कैप्टन स्मित मछार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने का ऐलान किया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस सम्मान के साथ 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी है. सम्मान समारोह उनके स्वस्थ होने के बाद आयोजित किया जाएगा.
अब कैसी है कैप्टन स्मित की हालत?
भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि स्मित की हालत स्थिर है और वह अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं. भारतीय दूतावास उनकी चिकित्सा और परिवार के संपर्क में बना हुआ है.
इस घटना ने एक बार फिर विमान में आपात स्थिति के दौरान पायलट के निर्णय, प्रशिक्षण और कॉकपिट सुरक्षा के महत्व को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
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