AAP MLA Viral Video: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अनिल झा वत्स से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के सार्वजनिक आचरण और खासकर महिलाओं के सामने उनकी जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए.
बनियान-शॉर्ट्स में नजर आने का वीडियो वायरल
दरअसल, किराड़ी से AAP विधायक अनिल झा वत्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया. रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में विधायक घर के कपड़ों जैसे बनियान और शॉर्ट्स में नजर आ रहे हैं. इसी वीडियो को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए और मामला विधानसभा तक पहुंच गया.
वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं. हालांकि, वायरल वीडियो के सामने आने के बाद उसके पूरे संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. इसलिए वीडियो से जुड़े अपुष्ट दावों को तथ्य के तौर पर पेश करने से बचना जरूरी है.
CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए AAP विधायक पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सरकारी योजनाओं से जुड़े फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने या अपनी समस्या लेकर जनप्रतिनिधि के पास पहुंचती हैं, तो विधायक को उचित पोशाक और व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए.
रेखा गुप्ता ने तंज कसते हुए कहा कि “कम से कम कपड़े तो पहनकर बैठना चाहिए.” मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी महिलाओं के साथ जनप्रतिनिधियों के व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा के संदर्भ में की.
लक्ष्मी योजना का भी आया जिक्र
इस पूरे विवाद के दौरान दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना का भी जिक्र हुआ. मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से जुड़े फॉर्म और प्रक्रियाओं के लिए महिलाओं का विधायकों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क होता है. ऐसे में, जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार और गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा की जाती है.
विधानसभा में पहले से जारी है सियासी टकराव
AAP विधायक से जुड़े वायरल वीडियो का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस का गवाह बन रहा है. इससे पहले भी AAP विधायकों के टी-शर्ट पहनकर सदन में आने को लेकर हंगामा हुआ था और कुछ विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर किया गया था.
फिलहाल अनिल झा वत्स के वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि वीडियो के आधार पर किए जा रहे अतिरिक्त दावों को सत्यापित किए बिना तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.
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