Belgium PM India Visit 2026: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं. उनका दौरा 2 से 4 सितंबर तक निर्धारित है और यह पद संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है. खास बात यह है कि करीब दो दशक बाद बेल्जियम के किसी प्रधानमंत्री का भारत दौरा हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए डी वेवर के साथ बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन भी मौजूद हैं. उनके प्रतिनिधिमंडल में सरकारी अधिकारियों के साथ कारोबारी और रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हैं. इस यात्रा को भारत और बेल्जियम के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.
3 सितंबर को प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने नई दिल्ली में राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत हुई. दोनों नेताओं के बीच भारत-बेल्जियम संबंधों के विभिन्न पहलुओं के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
भारत और बेल्जियम के बीच कई समझौते
भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन के साथ नई दिल्ली में बैठक की.
राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा संबंधों और रक्षा औद्योगिक सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की गई. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रक्षा औद्योगिक सहयोग के तहत कई MoUs और अनुबंधों पर हस्ताक्षर हुए हैं.
इन समझौतों का उद्देश्य बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता को भारत की कौशल क्षमता और औद्योगिक पैमाने के साथ जोड़ना है. दोनों देशों की कोशिश है कि रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़े और भविष्य की परियोजनाओं में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाए.
हालांकि, 3 सितंबर तक उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी में सभी MoUs और अनुबंधों की पूरी सूची व प्रत्येक समझौते का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया था. इसलिए समझौतों की संख्या या किसी विशेष परियोजना को लेकर अपुष्ट दावे करना उचित नहीं होगा.
रक्षा से लेकर व्यापार और टेक्नोलॉजी तक सहयोग
बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा का फोकस केवल रक्षा तक सीमित नहीं है. दोनों देश व्यापार और निवेश, रक्षा व सुरक्षा, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, कनेक्टिविटी व लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
बेल्जियम यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है. वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 13 अरब डॉलर से अधिक रहा. एंटवर्प दुनिया के प्रमुख हीरा व्यापार केंद्रों में शामिल है और भारत-बेल्जियम आर्थिक संबंधों में हीरा कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका है.
मुंबई दौरे पर भी रहेगी नजर
नई दिल्ली में कार्यक्रमों के बाद बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 4 सितंबर को मुंबई जाएंगे. वहां उनके हीरा, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों और हितधारकों से मिलने का कार्यक्रम है.
बेल्जियम की यूरोप में समुद्री और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में मजबूत स्थिति व भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था दोनों देशों के लिए सहयोग के नए अवसर पैदा करती है.
भारत-बेल्जियम संबंधों को मिलेगी नई दिशा
बार्ट डी वेवर की यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और बेल्जियम रणनीतिक क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार कर रहे हैं. रक्षा औद्योगिक सहयोग के तहत कई MoUs और अनुबंधों पर हस्ताक्षर इस दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं.
फिलहाल, 3 सितंबर 2026 तक सामने आई जानकारी के अनुसार, इस यात्रा का प्रमुख संदेश स्पष्ट है- भारत और बेल्जियम पारंपरिक व्यापारिक संबंधों से आगे बढ़कर रक्षा, प्रौद्योगिकी, निवेश, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देना चाहते हैं. आने वाले समय में दोनों देशों की इस साझेदारी से जुड़े और विस्तृत फैसलों पर नजर रहेगी.
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