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तेंदुए से भिड़ गया 10 साल का अंश, जख्मी होने के बाद भी करता रहा मुकाबला; बहादुरी की हो रही चर्चा

10 Years Old Boy Fights Leopard: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में तेंदुए के हमले की एक घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है. कालाढूंगी क्षेत्र के विजयपुर गांव में हाल ही में देर शाम 10 वर्षीय बच्चे अंश पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया. हमले में बच्चा घायल हुआ, लेकिन उसने घबराने के बजाय तेंदुए का सामना किया. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अंश ने दोनों हाथों से तेंदुए का गला पकड़ लिया और शोर मचाए जाने तक उसे नहीं छोड़ा. आसपास के लोगों के पहुंचने और शोर होने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया.

दुकान से सामान लेने जा रहा था अंश
जानकारी के मुताबिक, अंश अपने एक 7 वर्षीय साथी के साथ गांव की दुकान की ओर जा रहा था. इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया. हमले में तेंदुए का एक पंजा बच्चे के चेहरे और दूसरा पेट की तरफ लगा. अंश के शरीर पर चोटें आईं, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी. रिपोर्ट के अनुसार, उसने तेंदुए को दोनों हाथों से पकड़ लिया और मुकाबला करता रहा.

शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोग
अंश की चीख सुनकर आसपास के लोगों को घटना का पता चला. एक दुकानदार टॉर्च लेकर मौके की ओर दौड़ा. लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो तेंदुआ वहां से जंगल की तरफ भाग गया. इस तरह समय रहते बच्चे की जान बच गई. घटना के बाद गांव में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर डर का माहौल है और ग्रामीण शाम के समय घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं.

अस्पताल में कराया गया इलाज, गश्त बढ़ाई गई
हमले के बाद अंश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. रिपोर्टों के अनुसार, उसके चेहरे और पेट पर चोटें आई हैं और आगे के इलाज के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है. वन विभाग के अधिकारियों ने घटना का संज्ञान लिया है. गदगदिया रेंज के वन क्षेत्राधिकारी जगदीश जोशी के अनुसार, बच्चे का उपचार कराया गया है और नियमानुसार परिजनों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. घटना के बाद इलाके में गश्त भी बढ़ाई गई है.

शाम होते ही गांव में बढ़ी चिंता
विजयपुर गांव में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है. ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है. ताजा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और आगे आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है. फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे गांवों में शाम के समय वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

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