Bihar Diwas 2026: बिहार दिवस के मौके पर राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बार फिर भव्य समारोह का गवाह बनने जा रहा है. इस साल का आयोजन पहले से कहीं अधिक आकर्षक और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
सांस्कृतिक मंच पर दिखेगी बिहार की समृद्ध विरासत
बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी. लोक नृत्य, लोक गीत, नाटक और आधुनिक प्रस्तुतियों के जरिए कलाकार बिहार की विविधता को मंच पर उतारेंगे. अलग-अलग जिलों से आए कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिससे दर्शकों को राज्य की सांस्कृतिक पहचान को करीब से समझने का अवसर मिलेगा.
इसके अलावा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां लोग बिहार के पारंपरिक उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे. यह आयोजन स्थानीय कारीगरों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगा.
सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम
बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. गांधी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों में कुल 128 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. इसके साथ ही 94 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
पुलिस बल, महिला सुरक्षा कर्मी और ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है. प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. ड्रोन कैमरों की मदद से भी निगरानी की योजना बनाई गई है.
भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं. कई मार्गों पर वाहनों के प्रवेश को सीमित किया जाएगा और पार्किंग के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं. आम लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सहयोग करें.
जनता में उत्साह का माहौल
बिहार दिवस को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. स्कूल-कॉलेज के छात्र, युवा और परिवार के साथ लोग इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं. यह दिन न सिर्फ राज्य के गौरव को दर्शाता है, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी अवसर देता है. इस तरह, भव्य सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कड़ी सुरक्षा के बीच इस बार का बिहार दिवस समारोह यादगार बनने की पूरी उम्मीद है.
क्यों मनाया जाता है बिहार दिवस?
बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है. इसी दिन 1912 में बिहार, बंगाल से अलग राज्य बना था. यह दिन बिहार की संस्कृति, इतिहास और पहचान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है. लोग इसे उत्सव, कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मनाते हैं.
यह भी पढ़ें- तेल और गैस के साथ अब इंटरनेट भी निशाने पर, ईरान का कदम भारत पर भी पड़ेगा भारी




