Ghaziabad Fire News: गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. यह घटना उस समय हुई जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे. अचानक एक फ्लैट से उठती लपटों और घने काले धुएं ने पूरे माहौल को भयावह बना दिया.
नौवीं से तेरहवीं मंजिल तक फैली आग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग नौवीं मंजिल के एक फ्लैट में लगी और तेजी से फैलते हुए तेरहवीं मंजिल तक पहुंच गई. कुछ ही मिनटों में लपटें इतनी तेज हो गईं कि ऊंची इमारत के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए. आग का धुआं इतना घना था कि उसे दूर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी देखा जा सकता था.
धुएं से ढ़का आसमान, लोगों में दहशत
आग लगते ही पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही पलों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों को अपने फ्लैट छोड़कर बाहर निकलना पड़ा. बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा. समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया.
फंसे परिवार को सुरक्षित निकाला गया
बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान कुछ लोग फ्लैट में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है.
आग लगने की वजह क्या?
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या एसी के कंप्रेसर में विस्फोट के कारण आग लगी हो सकती है. हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है.
हाई-राइज सोसाइटी में सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पॉश और हाई-राइज सोसाइटी में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी इमारतों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट का पूरी तरह कार्यशील होना बेहद जरूरी है.
भविष्य के लिए सबक बनी यह घटना
गौर ग्रीन एवेन्यू में लगी यह आग भले ही समय रहते काबू में आ गई, लेकिन इसने शहरी जीवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह घटना चेतावनी है कि आधुनिक इमारतों में सुरक्षा के दावों की नियमित जांच और सुधार बेहद जरूरी है.
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