PNB Fake Currency: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से सामने आए नकली नोटों के मामले ने बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआत में करीब 7.40 करोड़ रुपए के नकली नोट मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन लगातार चल रही जांच और नोटों की गिनती के बाद यह आंकड़ा बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. अब पुलिस के साथ-साथ बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की टीमें भी मामले की जांच कर रही हैं.
11.50 करोड़ रुपए भेजे गए, तभी खुला पूरा मामला
मामले की शुरुआत सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट से करीब 11.50 करोड़ रुपए की नकदी RBI के जयपुर कार्यालय भेजे जाने के बाद हुई. 5 अगस्त को भेजी गई इस रकम की गिनती के दौरान करीब 4.30 लाख रुपए की कमी सामने आई. इसके बाद बैंक अधिकारियों ने सहारनपुर पहुंचकर करेंसी चेस्ट की जांच शुरू की.
जांच के दौरान करेंसी चेस्ट के भीतर रखे नोटों और उनके बंडलों का ऑडिट किया गया. 9 अगस्त से शुरू हुई जांच में पहले 148 बंडल नकली पाए गए. प्रत्येक बंडल में 500 रुपए के 1000 नोट थे, जिससे शुरुआती तौर पर नकली नोटों की कीमत करीब 7.40 करोड़ रुपए आंकी गई.
ऐसे बढ़कर 17 करोड़ रुपए हुआ नकली नोटों का आंकड़ा
जैसे-जैसे करेंसी चेस्ट में रखी नकदी का विस्तृत ऑडिट और सत्यापन आगे बढ़ा, संदिग्ध नोटों की संख्या बढ़ती गई. इसी वजह से नकली मुद्रा की अनुमानित कीमत करीब 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गई.
यानी 17 करोड़ रुपए का आंकड़ा शुरुआत में बरामद हुई नकली करेंसी का आंकड़ा नहीं था, बल्कि आगे की जांच में सामने आया कुल अनुमानित मूल्य है. जांच अभी जारी है और अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
CCTV ने खोला नकली नोटों का राज?
जांच में करेंसी चेस्ट के CCTV फुटेज को अहम माना जा रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में बैंक का पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों के बंडलों से नोट निकालते हुए दिखाई देता है. उसे करेंसी चेस्ट में नोटों के बंडल व्यवस्थित करने का काम सौंपा गया था.
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए थे और यदि ऐसा हुआ तो इसमें केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क था.
तीन बैंक अधिकारी निलंबित, SIT कर रही जांच
PNB ने प्रारंभिक जांच के बाद तीन अधिकारियों को निलंबित किया है. इनमें वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कंसाय, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील कुमार शर्मा और हरियाणा के खेड़ा बाजार स्थित PNB करेंसी चेस्ट के मैनेजर अमित कुमार शामिल हैं. मामले में पुलिस ने इन अधिकारियों और पार्ट-टाइम हाउसकीपर के खिलाफ केस दर्ज किया है.
पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया है. जांच का दायरा अब सहारनपुर से आगे हरियाणा, उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है. RBI और PNB की टीमें भी करेंसी चेस्ट के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के पूरे ट्रेल की जांच कर रही हैं.
सबसे बड़ा सवाल: बैंक की तिजोरी तक नकली नोट पहुंचे कैसे?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली मुद्रा एक सुरक्षित करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नोट बैंकिंग चैनल में कहां से आए, किस स्तर पर उनकी जांच हुई और उन्हें करेंसी चेस्ट में किस प्रक्रिया के तहत रखा गया.
फिलहाल किसी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से साबित नहीं माना जा सकता. SIT, PNB और RBI की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 17 करोड़ रुपए के नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और असली रकम के साथ वास्तव में क्या हुआ.
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