Iran Indian Embassy Advisory: भारत सरकार ने 8 जून 2026 को ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के भीतर लगातार बदलते सुरक्षा हालात के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों को अनावश्यक यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने की सलाह दी है.
ईरान में भारतीय दूतावास की नई एडवाइजरी
भारतीय दूतावास ने अपने ताजा संदेश में कहा है कि क्षेत्रीय परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और सुरक्षा स्थिति किसी भी समय प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से भारतीय नागरिकों को दूतावास के आधिकारिक निर्देशों का पालन करने, स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने और अपने संपर्क विवरण दूतावास के पास अपडेट रखने को कहा गया है. विदेश मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी में है.
भारतीयों को ईरान यात्रा से बचने की सलाह
भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगले आदेश तक भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा करने से बचें. यह सलाह केवल पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापारिक, धार्मिक और अन्य उद्देश्यों से यात्रा करने वालों पर भी लागू होती है. दूतावास का कहना है कि मौजूदा हालात में हवाई सेवाओं और जमीनी मार्गों पर अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए नई यात्रा योजनाओं को फिलहाल टालना ही बेहतर होगा.
ईरान से भारतीयों को निकलने की सलाह
दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और अन्य नागरिकों को उपलब्ध साधनों का उपयोग करते हुए देश छोड़ने की सलाह दी है. अधिकारियों ने कहा है कि जो लोग सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकते हैं, वे व्यावसायिक उड़ानों या दूतावास द्वारा सुझाए गए मार्गों का उपयोग करें. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बिना दूतावास से समन्वय किए न जाएं.
क्यों बढ़ी भारत की चिंता?
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संयम बरतने की अपील के बावजूद इजरायल ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी. रविवार देर रात ईरान द्वारा इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद इजरायली सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और हवाई हमलों की श्रृंखला चला दी. इस ताजा घटनाक्रम ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने की चल रही कूटनीतिक और शांति वार्ताओं के भविष्य पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पिछले कुछ महीनों से ईरान में राजनीतिक अस्थिरता, विरोध प्रदर्शन और क्षेत्रीय सैन्य तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं. इसके अलावा, पश्चिम एशिया में सुरक्षा चुनौतियों के कारण कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी चेतावनियां जारी की हैं. हाल के दिनों में पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ाए गए हैं, जिससे भारत सरकार भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है.
छात्रों और भारतीय समुदाय के लिए विशेष निर्देश
ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं. दूतावास ने ऐसे छात्रों से कहा है कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन और भारतीय दूतावास दोनों के संपर्क में रहें. इंटरनेट या संचार सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा आने की स्थिति में वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी गई है.
लोकेशन और संपर्क विवरण साझा करने के निर्देश
भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी लोकेशन और संपर्क विवरण दूतावास के साथ साझा करें. किसी भी आपात स्थिति में दूतावास की हेल्पलाइन और आधिकारिक चैनलों का उपयोग करने को कहा गया है. विदेश मंत्रालय ने दोहराया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपाय लागू किए जा सकते हैं.
पहले भी जारी हो चुकी हैं चेतावनियां
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने ईरान को लेकर एडवाइजरी जारी की हो. जनवरी, फरवरी और अप्रैल 2026 में भी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा टालने और वहां मौजूद लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी थी. अब 8 जून की नई चेतावनी को हालात की गंभीरता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो भारत सरकार अतिरिक्त निकासी योजनाओं या विशेष सहायता तंत्र पर भी विचार कर सकती है. फिलहाल सरकार का फोकस ईरान में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है. ऐसे में, भारतीय नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
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