Indian Railways News: ट्रेन से लंबा सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है. अगर आप भी रात में सफर करते समय अपना मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं, तो अब आपको अपनी आदत बदलनी पड़ सकती है. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात के समय ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों को सख्ती से लागू करने को कहा है.
नए निर्देशों के मुताबिक, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के डिब्बों में लगे चार्जिंग पॉइंट की बिजली बंद रखी जानी है. रेलवे का मुख्य उद्देश्य सफर के दौरान आग लगने और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं के खतरे को कम करना है.
क्या है रेलवे का नया निर्देश?
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था का पालन सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को जरूरी निर्देश देने और उन्हें प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया है. अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया है, ताकि नियम का पालन ठीक से हो सके.
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह व्यवस्था पूरी तरह नई नहीं है. रेलवे ने पहले भी रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश जारी किए थे. अब हाल में हुई घटना के बाद इन्हें सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है.
पावर बैंक फटने की घटना के बाद बढ़ी सख्ती
28 अक्टूबर 2026 को सामने आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 25 अक्टूबर को मुंबई-हावड़ा मेल में एक यात्री का पावर बैंक चार्जिंग के दौरान फट गया था. यह घटना ओडिशा के बंडामुंडा के पास ट्रेन के बी-3 कोच में हुई. घटना के बाद कोच में धुआं फैलने की खबर सामने आई थी.
इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा. खराब बैटरी, क्षतिग्रस्त चार्जर या उपकरण का जरूरत से ज्यादा गर्म होना आग लगने का खतरा बढ़ा सकता है. रात में यात्री सो रहे होते हैं, इसलिए ऐसी स्थिति का समय पर पता लगाना भी मुश्किल हो सकता है.
क्या पावर बैंक साथ ले जाना भी मना है?
रात में चार्जिंग पॉइंट बंद करने के निर्देश का मतलब यह नहीं है कि यात्रियों को पावर बैंक साथ ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. उपलब्ध रिपोर्टों में मुख्य रूप से ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की बात कही गई है.
हालांकि, यात्रियों को खराब, फूली हुई या असामान्य रूप से गर्म होने वाली बैटरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. पावर बैंक को चार्जिंग पर लगाकर सोने से भी बचना चाहिए.
यात्रियों को अब क्या करना चाहिए?
अगर आपकी ट्रेन का सफर रात में है, तो मोबाइल, लैपटॉप और अन्य जरूरी उपकरण यात्रा शुरू होने से पहले चार्ज कर लें. रात 11 बजे के बाद ट्रेन के सॉकेट पर निर्भर न रहें. अपने साथ रखा पावर बैंक भी सुरक्षित स्थिति में रखें और उसमें कोई गड़बड़ी दिखे तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें.
कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा है. सफर के दौरान थोड़ी सी सावधानी न केवल आपके सामान, बल्कि दूसरे यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है.
यह भी पढ़ें- PNB ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! 3 साल से निष्क्रिय जीरो बैलेंस खाते होंगे बंद, तुरंत करें ये काम




