Muzaffarnagar Priest Murder: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है. भौराकलां क्षेत्र में शिव मंदिर के 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, परिवार में बेटे के जन्म की भविष्यवाणी के बाद बेटी पैदा होने पर पुजारी और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था. इसी रंजिश को हत्या की वजह बताया जा रहा है. पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपियों ने जांच को भटकाने के लिए एक पड़ोसी को फंसाने की कोशिश की.
13 अक्टूबर की रात मंदिर परिसर में हुई हत्या
यह घटना भौराकलां थाना क्षेत्र के कुरावा मार्ग स्थित गुंबद वाले शिव मंदिर की है. पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर की रात पुजारी अपने कमरे में थे, तभी हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की.
मृतक की पहचान स्वामी देवानंद भारती के रूप में हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश और घटनाक्रम का खुलासा करने के लिए कई टीमें गठित कीं.
बेटे की भविष्यवाणी के बाद क्यों हुआ विवाद?
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी जीशान की पत्नी ने करीब डेढ़ महीने पहले बेटी को जन्म दिया था. इससे पहले पुजारी ने परिवार में बेटे के जन्म की भविष्यवाणी की थी. पुलिस का दावा है कि बेटी पैदा होने के बाद जीशान पुजारी से नाराज हो गया और दोनों के बीच कहासुनी हुई. इसी विवाद के बाद जीशान और उसके पिता हाशिम ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई.
हालांकि, यह घटना के पीछे की वजह को लेकर पुलिस की जांच में सामने आया आरोप है. मामले में अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा.
पड़ोसी को फंसाने के लिए छोड़ी तस्वीर
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से गांव के हरेंद्र नामक व्यक्ति की तस्वीर मिली थी. जांच में आरोप लगा कि पिता-पुत्र ने पुरानी रंजिश का फायदा उठाकर पड़ोसी को हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश की थी. पुलिस ने तस्वीर के स्रोत का पता लगाने और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई. इसी दौरान आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली.
दो तमंचे और बाइक बरामद
पुलिस ने हाशिम और जीशान को गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई. पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंधविश्वास, संतान के लिंग को लेकर अपेक्षाएं और निजी रंजिश किस तरह गंभीर विवाद का रूप ले सकती हैं. हालांकि, इस मामले में हत्या के वास्तविक कारण और आरोपियों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा.
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