NEET Paper Leak 2026: नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अदालत में दाखिल चार्जशीट में ऐसे कई खुलासे किए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गोपनीय अनुभाग में तैनात तीन विषय विशेषज्ञों ने कथित रूप से प्रश्नपत्र के सवालों को पर्चियों पर नोट किया और कुछ आसान प्रश्नों को याद कर लिया. बाद में होटल पहुंचकर इन प्रश्नों को दोबारा लिखा गया और इन्हें आगे लीक करने की साजिश रची गई.
गोपनीय सेक्शन की सुरक्षा में मिली बड़ी चूक
CBI की जांच के मुताबिक, NTA के गोपनीय अनुभाग (Confidential Section) से बाहर निकलते समय विषय विशेषज्ञों की तलाशी नहीं ली जाती थी. इसी खामी का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने छोटे-छोटे कागजों पर प्रश्न लिखे और कुछ सवालों को याद करके बाहर निकले. जांच में यह भी सामने आया कि इस संवेदनशील सेक्शन की निगरानी के लिए CCTV मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम नहीं था, जिससे गतिविधियों पर प्रभावी नजर नहीं रखी जा सकी.
होटल में दोबारा तैयार किया गया प्रश्नपत्र
चार्जशीट के अनुसार, गोपनीय सेक्शन से बाहर आने के बाद आरोपी एक होटल पहुंचे, जहां याद किए गए और पर्चियों पर लिखे गए प्रश्नों को व्यवस्थित तरीके से दोबारा तैयार किया गया. इसके बाद कथित तौर पर इन सवालों को बिचौलियों तक पहुंचाया गया, जिन्होंने उन्हें आगे उम्मीदवारों तक पहुंचाने की व्यवस्था की. CBI का कहना है कि पूरी प्रक्रिया इस तरह बनाई गई थी कि डिजिटल सबूत कम से कम छोड़े जाएं.
13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
CBI ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें NTA के तीन विषय विशेषज्ञों के अलावा कई कथित बिचौलिए और अन्य सहयोगी शामिल हैं. जांच एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग आर्थिक लाभ और कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया.
जांच अभी भी जारी
हालांकि चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, लेकिन CBI ने अदालत को बताया है कि जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. एजेंसी पूरे नेटवर्क, संभावित वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल
इस मामले ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीकी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि गोपनीय अनुभाग में काम करने वाले कर्मचारियों की निगरानी, तलाशी और जवाबदेही की व्यवस्था भी मजबूत करनी होगी. CBI की जांच से सामने आए तथ्यों के बाद भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने की मांग तेज हो गई है.
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