GOBARdhan Yojana: केंद्र सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जैविक कचरे से आय बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना (GOBARdhan Scheme) को नई गति दी है. 6 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ गोबरधन योजना को मंजूरी दी. इस योजना का उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष और अन्य जैविक कचरे को बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदलकर गांवों में रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना है.
क्या है गोबरधन योजना?
GOBARdhan (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) की शुरुआत वर्ष 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत की गई थी. इसका उद्देश्य गांवों में गोबर, फसल अवशेष, रसोई के जैविक कचरे और अन्य बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन करना है. इससे स्वच्छता बढ़ती है, प्रदूषण कम होता है और कचरे से ऊर्जा व जैविक खाद तैयार की जाती है.
गांव का आम इंसान कैसे उठा सकता है लाभ?
इस योजना का लाभ केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है. ग्रामीण परिवार, किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), डेयरी संचालक, किसान उत्पादक संगठन (FPO), पंचायतें और ग्रामीण उद्यमी भी इससे जुड़ सकते हैं.
यदि किसी गांव में सामुदायिक बायोगैस या सीबीजी प्लांट स्थापित होता है, तो स्थानीय लोग गोबर और अन्य जैविक कचरा उपलब्ध कराकर आय अर्जित कर सकते हैं. वहीं तैयार बायोगैस का उपयोग खाना बनाने या अन्य ऊर्जा जरूरतों के लिए किया जा सकता है व बची हुई स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में खेतों में इस्तेमाल की जाती है.
क्या हैं प्रमुख फायदे?
नई योजना के तहत सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक कचरे को आर्थिक संसाधन में बदलना है. इससे किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और खुले में गोबर व कचरा फैलने की समस्या कम होगी.
कैसे जुड़ सकते हैं?
व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर बायोगैस व सीबीजी परियोजनाएं स्थापित करने के इच्छुक किसान, सहकारी समितियां, पंचायतें और उद्यमी संबंधित राज्य सरकार, जिला प्रशासन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग या गोबरधन पोर्टल के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र परियोजनाओं को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है.
2026 में क्या है नया?
केंद्र सरकार ने अब गोबरधन योजना को राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना के रूप में विस्तार दिया है. सरकार का लक्ष्य 2026-27 से अगले वर्षों में देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन को कई गुना बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना है. इसके लिए निवेश, बाजार, पाइपलाइन कनेक्टिविटी और परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया जाएगा.
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