E Challan Scam: अगर आपके मोबाइल पर अचानक SMS या WhatsApp मैसेज आए कि आपकी गाड़ी का ट्रैफिक चालान कट गया है और तुरंत जुर्माना जमा करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए, तो सावधान हो जाइए. अगस्त 2026 में भी फर्जी e-Challan के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में तमिलनाडु के त्रिची में एक व्यक्ति करीब 2 लाख रुपए की ठगी का शिकार हुआ. उसे असली जैसी दिखने वाली e-Challan वेबसाइट के लिंक के जरिए भुगतान करने के लिए फंसाया गया था.
एक क्लिक से शुरू हो सकता है पूरा खेल
इस ठगी में अपराधी SMS, WhatsApp या दूसरे डिजिटल माध्यमों से ऐसा संदेश भेजते हैं, जो देखने में ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग का आधिकारिक नोटिस लगता है. मैसेज में वाहन नंबर, चालान की रकम और तुरंत भुगतान करने की चेतावनी जैसी जानकारी दी जा सकती है.
सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब मैसेज में दिए लिंक से कोई APK यानी Android ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है. पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे फर्जी APK के जरिए मोबाइल में मैलवेयर पहुंचाने की घटनाओं को लेकर चेतावनी दी है. कुछ मामलों में इसके बाद बैंकिंग जानकारी और OTP जैसे संवेदनशील डेटा तक अपराधियों की पहुंच बन सकती है.
गलती से भी न डाउनलोड करें APK
अगर e-Challan के नाम पर कोई फाइल या ऐप डाउनलोड करने को कहा जाए, तो उसे बिल्कुल इंस्टॉल न करें. खासकर .apk फाइल को मैसेज, WhatsApp या किसी अनजान वेबसाइट से डाउनलोड करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है.
सरकारी e-Challan पोर्टल भी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से सावधान रहने की चेतावनी देता है. पोर्टल के अनुसार, आधिकारिक व्यवस्था के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक से बचना चाहिए और संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए.
चालान असली है या नकली, ऐसे करें चेक
SMS में आए लिंक पर क्लिक करने के बजाय खुद ब्राउजर खोलें और आधिकारिक e-Challan पोर्टल पर जाकर चालान की स्थिति जांचें. यहां वाहन नंबर या उपलब्ध संबंधित विवरण के जरिए वास्तविक चालान की जानकारी देखी जा सकती है. याद रखें, मैसेज में दिया गया लिंक सरकारी नाम या लोगो वाला दिखे, तब भी उसे तुरंत असली न मानें.
अगर पैसे कट गए तो तुरंत उठाएं ये कदम
यदि आपने गलती से लिंक खोल दिया, संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर दिया या बैंक खाते से पैसा कट गया है, तो देरी न करें. बैंक को तुरंत सूचना देकर संदिग्ध लेनदेन पर कार्रवाई के लिए कहें. साइबर फ्रॉड की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें.
असली चालान की चिंता में जल्दबाजी न करें. पहले आधिकारिक पोर्टल पर खुद जांच करें, अनजान लिंक से भुगतान न करें और किसी भी संदिग्ध APK को फोन में इंस्टॉल न करें. यही छोटी-सी सावधानी आपके बैंक खाते को बड़ी साइबर ठगी से बचा सकती है.
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