Ramlila Maidan Rally 2026: दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन की रैली के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. रैली में उमड़ी भीड़ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं. इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने रामलीला मैदान को खचाखच भरा दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार तस्वीर का सहारा लिया. इस तस्वीर को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ठीक से दिखावा भी नहीं कर पाई.
AI से बनी तस्वीर पर किरेन रिजिजू का तंज
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कांग्रेस नेताओं की ओर से साझा की गई एक तस्वीर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. यह तस्वीर तेलंगाना से कांग्रेस सांसद वामसी गद्दाम और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं ने पोस्ट की थी. कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व सांसद जगदीश ठाकोर ने भी इसे साझा किया था.
रिजिजू ने तस्वीर को अपने पोस्ट के साथ शेयर करते हुए लिखा कि रामलीला मैदान को भरा हुआ दिखाने के लिए कांग्रेस की फर्जी नैरेटिव टीम AI से बनी तस्वीर भी ठीक से तैयार नहीं कर पाई. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई.
सोशल मीडिया यूजर्स ने भी तस्वीर पर सवाल उठाए. लोगों का दावा था कि तस्वीर में मंच पर दिखाई दे रहे राहुल गांधी और सोनिया गांधी की तस्वीरें वास्तविक रैली के मंच से मेल नहीं खातीं. हालांकि, तस्वीर के AI से तैयार होने को लेकर सामने आए आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.
बीजेपी ने रैली को बताया फ्लॉप शो
रामलीला मैदान में हुई रैली को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा. बीजेपी नेताओं ने रैली स्थल की खाली कुर्सियों और खाली हिस्सों की तस्वीरें व वीडियो साझा किए.
बीजेपी सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि रैली में करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें से दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच लगभग 5 हजार से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मैदान का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था.
बीजेपी का कहना था कि कांग्रेस ने रैली से पहले 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन आयोजन में उतनी भीड़ दिखाई नहीं दी.
कांग्रेस ने ड्रोन फुटेज से दिया जवाब
बीजेपी के आरोपों के बाद कांग्रेस ने भी पलटवार किया. पार्टी की ओर से रैली स्थल के ड्रोन फुटेज और तस्वीरें साझा की गईं. कांग्रेस ने इनके आधार पर दावा किया कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे.
रैली में हजारों समर्थकों की मौजूदगी की जानकारी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी दी है. हालांकि, रैली में शामिल लोगों की कोई स्वतंत्र और आधिकारिक कुल संख्या सामने नहीं आई है.
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थी.
रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटों की चोरी हुई और इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका रही. उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.
राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव को अवैध बताने के लिए विपक्ष को कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए. वहीं, चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है.
फिलहाल रामलीला मैदान की रैली में कितनी भीड़ जुटी, AI तस्वीर किसने तैयार की और उसे साझा करने के पीछे क्या वजह थी, इन सवालों पर राजनीतिक बहस जारी है.
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