West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में बुधवार को भारी उत्साह के साथ मतदान हुआ. कुछ स्थानों पर छिटपुट हिंसा, ईवीएम गड़बड़ी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद मतदाताओं ने लोकतंत्र में अपनी मजबूत आस्था दिखाई और बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाले. इस चरण में राज्य की राजनीति की दिशा तय करने वाली कई अहम सीटों पर वोटिंग हुई.
सुबह से ही दिखा मतदाताओं का उत्साह
दूसरे चरण की वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू होते ही कई इलाकों में लंबी कतारें देखने को मिलीं. शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक 18% से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो बाद में तेजी से बढ़ता गया. दोपहर 1 बजे तक मतदान प्रतिशत 60% के पार पहुंच गया, जिससे साफ हो गया कि इस चरण में भी जनता ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की.
दोपहर बाद भी जारी रहा मतदान का जोर
जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होने के बजाय और बढ़ती गई. कई जिलों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी खास तौर पर देखने को मिली. दोपहर 3 बजे तक वोटिंग 78% के पार पहुंच गई, वहीं शाम 6 बजे तक लगभग 92% मतदान दर्ज किया गया, जो बंपर वोटिंग का संकेत है.
छिटपुट घटनाएं, लेकिन मतदान पर नहीं पड़ा असर
हालांकि चुनाव के दौरान कुछ जगहों से हिंसा, झड़प और ईवीएम में गड़बड़ी की खबरें भी सामने आईं. कुछ इलाकों में राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रभावित करने के आरोप लगाए. इसके बावजूद चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों की सख्ती के कारण स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही. अधिकतर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग पूरी हुई.
BJP के बटन पर टेप लगाने का आरोप
दूसरे चरण में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से EVM को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया. आरोप है कि वोटिंग मशीन में BJP के बटन पर टेप चिपकाया गया था. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि EVM से छेड़छाड़ हुई है या मतदान की निष्पक्षता प्रभावित हुई है, तो संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान कराया जा सकता है.
कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ मतदान
दूसरे चरण की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. हजारों केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और हर बूथ पर निगरानी बढ़ाई गई. सीसीटीवी, वेबकास्टिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी ने मतदाताओं को सुरक्षित माहौल में मतदान करने का भरोसा दिया, जिसका असर मतदान प्रतिशत पर साफ दिखा.
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी रहे जारी
मतदान के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी चरम पर रही. एक ओर नेताओं ने मतदाताओं से रिकॉर्ड मतदान की अपील की, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. कुछ नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, तो विपक्ष ने भी चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए. इससे चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया.
142 सीटों पर दांव, कई दिग्गज मैदान में
दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई अहम जिले शामिल हैं. इन सीटों पर कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, जिससे यह चरण चुनाव का सबसे निर्णायक चरण माना जा रहा है.
पहले चरण की तरह फिर दिखा लोकतंत्र का दम
पहले चरण में भी रिकॉर्ड मतदान हुआ था और दूसरे चरण में भी मतदाताओं ने उसी उत्साह को दोहराया. यह संकेत देता है कि बंगाल में लोकतंत्र को लेकर जनता बेहद जागरूक है और अपने अधिकार का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है.
भारी वोटिंग से जनता का स्पष्ट संकेत
छिटपुट घटनाओं और राजनीतिक तनाव के बावजूद पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण और सफल रहा. भारी मतदान प्रतिशत यह दर्शाता है कि जनता बदलाव, स्थिरता या अपनी पसंद की सरकार के लिए पूरी तरह सजग है. अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे.
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